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सोना ₹1,562 गिरकर ₹1.45 लाख का 10 ग्राम हुआ:इस महीने ₹11 हजार सस्ता हो चुका, 1 किलो चांदी की कीमत आज ₹257 बढ़ी

सोने की कीमतों में आज यानी 11 जून को बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत 1,562 रुपए प्रति 10 ग्राम घटकर 1.45 लाख रुपए पर आ गई है। इससे पहले 31 मई को 10 ग्राम सोने का भाव 1.56 लाख रुपए था। यानी महज 11 दिनों के भीतर सोना करीब 11 हजार रुपए तक सस्ता हो चुका है।

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वहीं चांदी की कीमत में आज हल्की बढ़त देखने को मिली है। एक किलोग्राम चांदी का भाव 257 रुपए बढ़कर 2.33 लाख रुपए प्रति किलो पर पहुंच गया है।

ऑलटाइम हाई से ₹31 हजार तक टूटा सोना

साल 2026 में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोने की कीमत 1.33 लाख रुपए थी, जो बढ़ते-बढ़ते 29 जनवरी 2026 को 1.76 लाख रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी।

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हालांकि इसके बाद बाजार में लगातार गिरावट देखने को मिली और अब सोना अपने ऑलटाइम हाई से करीब 31 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम तक नीचे आ चुका है।

चांदी भी रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे

चांदी की बात करें तो 31 दिसंबर 2025 को इसकी कीमत 2.30 लाख रुपए प्रति किलो थी। इसके बाद 29 जनवरी 2026 को चांदी 3.86 लाख रुपए प्रति किलो के ऑलटाइम हाई स्तर तक पहुंच गई थी।

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लेकिन रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद इसमें भी बड़ी गिरावट आई है। वर्तमान कीमतों के अनुसार चांदी अपने उच्चतम स्तर से करीब 1.52 लाख रुपए प्रति किलो तक सस्ती हो चुकी है।

क्यों गिर रहे हैं सोने और चांदी के दाम?

आमतौर पर वैश्विक तनाव, युद्ध या अनिश्चितता के दौर में सोने और चांदी जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग बढ़ जाती है, जिससे इनके दाम ऊपर जाते हैं। लेकिन इस बार तस्वीर कुछ अलग नजर आ रही है।

निवेशकों का झुकाव नकदी की ओर

मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं। ऐसे माहौल में कई बड़े निवेशक सोना और चांदी बेचकर नकदी यानी कैश अपने पास रखना पसंद कर रहे हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत इस्तेमाल किया जा सके।

रिकॉर्ड ऊंचाई पर हुई प्रॉफिट बुकिंग

जनवरी 2026 में सोना और चांदी दोनों ही अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए थे। इसके बाद बड़े निवेशकों और फंड्स ने ऊंचे दामों पर मुनाफावसूली शुरू कर दी। बाजार में बिकवाली बढ़ने से सप्लाई ज्यादा हुई और कीमतों पर दबाव बन गया।

निवेशकों के लिए क्या संकेत?

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट का एक बड़ा कारण प्रॉफिट बुकिंग और नकदी की मांग है। हालांकि सोना और चांदी अभी भी दीर्घकालिक निवेश के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं। वैश्विक हालात और केंद्रीय बैंकों की नीतियां आने वाले दिनों में इनके दामों की दिशा तय करेंगी।

फिलहाल, जनवरी के रिकॉर्ड स्तरों की तुलना में सोना करीब 31 हजार रुपए और चांदी करीब 1.52 लाख रुपए तक सस्ती हो चुकी है, जिससे लंबे समय के निवेशकों के लिए खरीदारी के अवसर भी बन सकते हैं।

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