नए फ्रीगंज ब्रिज के लिए काटना पड़ेंगे 100 पेड़

उज्जैन। फ्रीगंज में नए रेलवे ओवरब्रिज को बनाने के लिए करीब सौ पेड़ काटना पड़ेंगे। इसकी कवायद शुरू हो गई है। ब्रिज निर्माण के लिए ठेकेदार कंपनी द्वारा मिट्टी परीक्षण के सेंपल भेजे जा चुके हैं जिसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की तैयारी हो सकेगी। कंपनी को एलओए (लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस) भी जारी कर दिया गया है।

फ्रीगंज में आजादी से पहले बने ओवरब्रिज के पैरेलल नया फोरलेन ब्रिज बनाने का भूमिपूजन हो चुका है। इसकी चौड़ाई 21.40 मीटर (70 फीट) करने का प्रस्ताव रेलवे को भेजा जा चुका है। रेलवे की स्वीकृति आने के बाद ही इसका काम रफ्तार पकड़ सकेगा। ब्रिज निर्माण के लिए पेड़ों की कटाई का सर्वे भी पूरा कर लिया गया है, जिसमें सौ से ज्यादा पेड़ों को काटना पड़ेंगे। इसके लिए लोक निर्माण विभाग सेतु संभाग जल्द ही राशि जमा कराएगा। इसके बाद पेड़ों की कटाई शुरू की जाएगी।
रेलवे बढ़ा सकता ऊंचाई
नए ब्रिज की ऊंचाई को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। ब्रिज की चौड़ाई 15 मीटर करने पर रेलवे स्वीकृति दे चुका है लेकिन फोरलेन ब्रिज के लिए इसकी चौड़ाई 21.40 मीटर करने का नया प्रस्ताव रेलवे को भेजा गया है। रेलवे इस प्रस्ताव के अनुसार अपने हिस्से के ब्रिज की ऊंचाई बढ़ा सकता है। रेलवे 68 मीटर का हिस्सा अपने सुपरविजन में बनाएगा। शेष हिस्सा लोक निर्माण विभाग सेतु बनाएगा।








