उज्जैन संभाग बना देश का नया फूड प्रोसेसिंग हब

ग्लोबल कंपनियों में सोयाबीन और मसालों की बढ़ी मांग
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। उज्जैन संभाग देश का नया फूड प्रोसेसिंग हब बन रहा है। सरकार की निवेश हितैषी नीतियों के चलते संभाग के सातों जिलों (उज्जैन, देवास, मंदसौर, नीमच, रतलाम, शाजापुर और आगर-मालवा) में खाद्य प्रसंस्करण यूनिट की संख्या में वृद्धि हो रही है। इस क्षेत्र के लिए अब तक 7300 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश हुआ है और करीब 5800 युवाओं को रोजगार मिला है।
पहले उज्जैन संभाग कृषि उत्पादन के लिए जाना जाता था लेकिन अब सोयाबीन, आलू, मसाले, दाल और डेयरी उत्पाद आधारित उद्योगों की कड़ी तैयार हो गई है। उत्पादन और मार्केटिंग का सीधा लाभ किसानों को मिल रहा है। कंपनियां सीधे खेतों से उपज खरीद रही हैं तो किसानों को उपज की वाजिब कीमत मिल रही है।
वैश्विक कंपनियों की आमद
फूड प्रोसेसिंग में अब विश्व स्तरीय कंपनियां यहां प्लांट स्थापित कर रही हैं। इनमें पेप्सिको इंडिया होल्डिंग, मैकेन फूड्स इंडिया, अडानी विल्मर लिमिटेड, विप्पी इंडस्ट्रीज, एमडीएच, इस्कॉन बालाजी फूड प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।
बदला माहौल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजन और औद्योगिक नीतियों के कारण उज्जैन संभाग तेजी से फूड प्रोसेसिंग हब बन रहा है। आने वाले समय में यह क्षेत्र मप्र के साथ पूरे देश की खाद्य अर्थव्यवस्था में निर्णायक भूमिका निभाएगा।
-राजेश राठौड़, कार्यकारी संचालक, एमपीआईडीसी









