कल जुटेंगी 1000 महिलाएं, देश की संस्कृति पर करेंगी चिंतन

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। उज्जैन में माघी पूर्णिमा (31 जनवरी) को मालवा प्रांत के 10 जिलों की 1000 महिलाएं जुटेंगी। वे संस्कृति पर चिंतन करेंगी। दो दिनी सम्मेलन में आरएसएस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य भैयाजी जोशी मार्गदर्शन देने के लिए उपस्थित रहेंगे। दरअसल यह मौका होगा विश्व मांगल्य सभा के मालवा प्रांत अधिवेशन के मातृ संस्कार समागम का। हरसिद्धि माता मंदिर के पीछे स्थित बालमुकुंद आश्रम (झालारिया मठ) में अधिवेशन की शुरुआत 31 जनवरी को सुबह 10 बजे होगी।

पहले दिन पांच सत्र होंगे। इन सत्रों को आरएसएस के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य भैयाजी जोशी, विकास फाउंडेशन ट्रस्ट की चेयरपर्सन डॉ. मृदृला प्रधान, विश्व मांगल्य स्वनाथ परिषद की राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. पायल कनोडिया, विश्व मांगल्य सभा की राष्ट्रीय संगठन मंत्री वृषाली जोशी, विश्व मांगल्य सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रेखा खंडेलवाल और केंद्रीय परामर्शदाता प्रशांत हरतालकर संबोधित करेंगे। समापन सत्र के मुख्य अतिथि विश्व मांगल्य सभा के सभाचार्य स्वामी जितेंद्रनाथ होंगे। सभा के मालवा प्रांत की सचिव नमिता वाशिमकर ने बताया कि मातृ शक्ति संस्कृति पर चिंतन करेंगी। इसमें मालवा प्रांत के इंदौर, खंडवा, बुरहानपुर, देवास, खरगोन, बड़वानी, झाबुआ, धार और उज्जैन जिले की 1000 महिलाएं शामिल होंगी।
झालारिया मठ से महाकाल मंदिर तक निकलेगी शोभायात्रा
अधिवेशन के दूसरे दिन 1 फरवरी को झालारिया मठ से श्री महाकालेश्वर मंदिर तक शोभायात्रा निकाली जाएगी। महिलाएं इसमें लाल साड़ी में शामिल होंगी। मंदिर में शिवजी के पंचस्रोत का पाठ किया जाएगा।
क्या होगा सम्मेलन में
शिवजी के पंच स्रोत का पाठन (महाकाल मंदिर में)
भारत के विद्वान वक्ताओं का संबोधन
महिला सांस्कृतिक नगर परिक्रमा
महिला सांस्कृतिक शोभायात्रा
भारतीय जीवनचर्या पर आधारित प्रदर्शनी
सप्त मातिृका अवार्ड भी
मालवा प्रांत के क्षेत्र में असामान्य काम करने वाले ७ महिलाओं को मातिृका अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। संयोजिका सुनीता पाटिल ने बताया कि यह अवार्ड उन महिलाओं को दिया जाएगा, जो समाज में अलग तरह से कार्य कर रही हैं। इनमें झाबुआ की एक बेटी भी है, जो आंगनवाड़ी और सरकारी स्कूल में पढ़कर प्रशासनिक सेवा में चयनित हुई हैं।









