2 अप्रैल को वतन लौटेगी गुरकीरत की पार्थिव देह, सीएम यादव के सहयोग से पूरी हुई प्रक्रिया

अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में बीते दिनों हिंसक घटना का शिकार हुए शहर के 23 वर्षीय होनहार युवक गुरकीरत सिंह मनोचा का पार्थिव शरीर अंतत: भारत लाया जा रहा है। 14 मार्च को हुई इस दु:खद हत्या के बाद से ही शोकाकुल परिवार अपने लाडले के अंतिम दर्शनों की प्रतीक्षा कर रहा था। अब आधिकारिक पुष्टि के अनुसार, गुरकीरत का पार्थिव शरीर 2 अप्रैल को उज्जैन पहुंचेगा।
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पार्थिव शरीर भारत लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर औपचारिकताएं पूर्ण कर ली गई हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, गुरकीरत की देह 1 अप्रैल को कनाडा के वैंकूवर से दिल्ली के लिए रवाना होगी। वहां से 2 अप्रैल को विमान अहमदाबाद पहुंचेगा, जहां जरूरी कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद सडक़ मार्ग से पार्थिव देह उज्जैन लाई जाएगी। इस खबर के बाद मनोचा परिवार और परिचितों में गमगीन माहौल के बीच अंतिम विदाई की तैयारी शुरू हो गई है।
सपने साकार करने कनाडा गया था
गुरकीरत उज्जैन के एक प्रतिष्ठित परिवार से थे और उनकी प्रारंभिक शिक्षा कार्मल कॉन्वेंट स्कूल से हुई थी। विक्रम विवि से स्नातक करने के बाद वे करीब सवा साल पहले उच्च शिक्षा के लिए कनाडा गए थे। वहां वे नॉर्दर्न लाइट्स कॉलेज से बिजनेस मैनेजमेंट का डिप्लोमा कर रहे थे और साथ ही अपनी काबिलियत के दम पर वालमार्ट स्टोर में मैनेजर के पद पर कार्यरत थे।
मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप से प्रक्रिया में आई तेजी
इस संवेदनशील मामले में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के त्वरित हस्तक्षेप ने बड़ी भूमिका निभाई। परिजनों की गुहार पर मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया, जिसके बाद जिला कलेक्टर रौशनकुमार ङ्क्षसह और एसपी प्रदीप शर्मा ने निरंतर विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास से संपर्क साधे रखा। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय, ओटावा स्थित भारतीय उच्चायोग और वैंकूवर के वाणिज्य दूतावास के साझा समन्वय से ही यह कठिन प्रक्रिया समय रहते पूरी हो सकी है।









