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38,000+ वाहन बिके, उज्जैन बना एमपी का नया ऑटो-हब

विक्रम व्यापार मेले का आज आखिरी दिन, उज्जैन ने तोड़ा अपना ही रिकॉर्ड

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अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। धर्म और अध्यात्म की नगरी उज्जैन अब प्रदेश के बड़े ऑटोमोबाइल हब के रूप में उभर कर सामने आई है। महाशिवरात्रि (15 फरवरी) से शुरू हुआ विक्रम व्यापार मेला आज २९ मार्च को अपने समापन की ओर है, लेकिन समापन से पहले ही इस मेले ने व्यापार के सारे पुराने कीर्तिमान ध्वस्त कर दिए हैं। शनिवार शाम तक मेले में कुल 38 हजार वाहनों की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई, जिसमें 32 हजार से अधिक कारें शामिल हैं।

सफलता के पीछे सरकारी नीतियों का हाथ: आरटीओ संतोष कुमार मालवीय के अनुसार, इस बंपर सेल की मुख्य वजह राज्य सरकार द्वारा दी गई 50 प्रतिशत रोड टैक्स की छूट है। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक वाहनों पर पूर्ण टैक्स माफी ने मध्यम वर्ग को वाहन खरीदने के लिए प्रोत्साहित किया। इस भारी बिक्री से न केवल ऑटोमोबाइल सेक्टर, बल्कि बैंकिंग, फाइनेंस, बीमा और एक्सेसरी इंडस्ट्री में भी करोड़ों रुपये का कैश फ्लो बढ़ा है।

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लग्जरी गाडिय़ाँ अब उज्जैन की सडक़ों पर: मेले के दौरान एक खास रुझान यह भी देखने को मिला कि अब लोग केवल जरूरत के लिए नहीं, बल्कि विलासिता और सुरक्षा के लिए भी निवेश कर रहे हैं। यही कारण है कि इस बार 1 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाली लगभग 20 लग्जरी गाडिय़ां बिकीं। यह आंकड़ा शहर की बढ़ती आर्थिक संपन्नता और हाई-इनकम ग्रुप की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है। शुभ मुहूर्त और त्योहारों के संगम ने इस उत्साह को कई गुना बढ़ा दिया, जिससे उज्जैन अब मध्यप्रदेश के प्रमुख ऑटोमोबाइल हब के रूप में पूरी तरह स्थापित हो चुका है।

आर्थिक मजबूती के बीच चुनौतियां भी

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सैकड़ों करोड़ रुपये के इस कारोबार ने जहाँ स्थानीय व्यापार और रोजगार को नई ऊंचाइयां दी हैं, वहीं कुछ गंभीर सवाल भी खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि शहर की सडक़ों पर अचानक आए इन हजारों नए वाहनों से ट्रैफिक और पर्यावरण पर भारी दबाव पड़ेगा। भविष्य में इस आर्थिक विकास को संतुलित बनाए रखने के लिए अब शहर को एक बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान और मजबूत पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम की सख्त जरूरत होगी। आज मेले के आखिरी दिन भी भारी भीड़ की उम्मीद है, जिससे ये आंकड़े और भी ऊपर जा सकते हैं।

द नंबर गेम : उज्जैन की सुपर-फास्ट ग्रोथ

उज्जैन ने हर साल अपनी ही सफलता को पीछे छोड़ा है। आंकड़ों की जुबानी समझें तो बाजार का विस्तार कुछ इस प्रकार रहा-

वर्ष 2024-23,705 वाहनों की बिक्री।

वर्ष 2025- 36,225 वाहनों की बिक्री।

 वर्ष 2026 (२८ मार्च तक)- 38,000 से अधिक वाहनों का आंकड़ा पार।

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