45 डिग्री की तपती गर्मी में बाहर निकलते हैं तो ये गलतियां पड़ सकती हैं जानलेवा!

गर्मी का मौसम हर साल आता है लेकिन पिछले कुछ वर्षों में लू का कहर पहले से कहीं ज्यादा भयावह होता जा रहा है। कई राज्यों में पारा 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है जिसका सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। जब मौसम विभाग हीटवेव का अलर्ट जारी करे तो उसे एक सामान्य चेतावनी समझकर नजरअंदाज करना बेहद भारी पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार अत्यधिक गर्मी शरीर के तापमान को तेजी से बढ़ा देती है जिससे डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, थकान, हीट एग्जॉशन और गंभीर मामलों में हीट स्ट्रोक जैसी जानलेवा स्थिति पैदा हो सकती है।

हीटवेव आखिर इतनी खतरनाक क्यों होती है
हीटवेव केवल तेज गर्मी का दूसरा नाम नहीं है। जब लगातार कई दिनों तक सामान्य से बहुत अधिक गर्मी पड़े और रात में भी तापमान नीचे न आए तो शरीर को आराम नहीं मिल पाता। इससे शरीर की प्राकृतिक ठंडक बनाए रखने की प्रणाली बुरी तरह प्रभावित हो जाती है। बुजुर्ग, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोग हीटवेव के दौरान सबसे ज्यादा खतरे में रहते हैं। हालांकि बिल्कुल स्वस्थ इंसान भी जरा सी लापरवाही में इसकी चपेट में आ सकता है।
दोपहर में घर से बाहर निकलना हो सकता है खतरनाक
अगर कोई बहुत जरूरी काम न हो तो सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से पूरी तरह बचना चाहिए। यही वह समय होता है जब सूरज की किरणें सबसे ज्यादा तीखी होती हैं और लू लगने का खतरा अपने चरम पर होता है। अगर बाहर जाना बेहद जरूरी हो तो सिर को टोपी, गमछे या छाते से जरूर ढंकें। हल्के और ढीले कपड़े पहनें ताकि शरीर को हवा मिलती रहे और गर्मी भीतर न रुके।
पानी पीने में जरा भी लापरवाही न करें
गर्मी में शरीर से पसीने के रूप में बड़ी मात्रा में पानी निकलता है। इसलिए प्यास लगने का इंतजार किए बिना थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहना जरूरी है। केवल सादा पानी ही नहीं बल्कि नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी और घर में बने शरबत भी शरीर में पानी और जरूरी खनिजों की कमी पूरी करते हैं। ऑफिस या बाजार की भागदौड़ में पानी पीना भूल जाना आगे चलकर बड़ी मुसीबत बन सकता है।
खानपान का भी रखें पूरा ख्याल
हीटवेव के दौरान बहुत ज्यादा तला-भुना और मसालेदार खाना खाने से परहेज करें। हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन इस मौसम में सबसे बेहतर रहता है। तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी और संतरा जैसे मौसमी फल शरीर को हाइड्रेट रखने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। यही वजह है कि डॉक्टर भी गर्मी में फलों और तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाने की सलाह देते हैं।
इन संकेतों को कभी मत अनदेखा करें
अगर किसी को तेज सिरदर्द, चक्कर, अत्यधिक कमजोरी, उल्टी, तेज बुखार या बेहोशी जैसे लक्षण महसूस हों तो यह हीट स्ट्रोक का गंभीर संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में उस व्यक्ति को तुरंत किसी ठंडी जगह पर ले जाएं, शरीर को ठंडा करने की कोशिश करें और बिना देरी किए चिकित्सा सहायता लें। समय पर सही कदम उठाने से एक गंभीर स्थिति से आसानी से बचा जा सकता है।
घर को ठंडा रखने के आसान उपाय
दिन के समय घर के पर्दे बंद रखें और सीधी धूप को अंदर आने से रोकें। सुबह और शाम जब बाहर थोड़ी ठंडक हो तो खिड़कियां खोलकर प्राकृतिक हवा आने दें। इससे घर का तापमान काफी हद तक संतुलित रहता है और अंदर रहने वाले लोगों को राहत मिलती है।
बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
छोटे बच्चे खेलने में इतने मगन हो जाते हैं कि पानी पीना भूल जाते हैं और बुजुर्गों को प्यास का एहसास ही कम होता है। इसलिए परिवार के सदस्यों को समय-समय पर उन्हें पानी पिलाते रहना चाहिए। अगर घर में कोई बुजुर्ग अकेले रहते हैं तो हीटवेव के दिनों में उनकी नियमित खबर लेते रहना भी उतना ही जरूरी है। एक छोटी सी सावधानी किसी बड़ी मुसीबत को टाल सकती है। गर्मी से बचाव केवल आराम का नहीं बल्कि जान की सुरक्षा का सवाल है। मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेकर समय रहते सही कदम उठाए जाएं तो हीटवेव के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।









