Popup Image
Advertisement

मानसून में गर्भावस्था के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें

मानसून के मौसम में गर्भवती महिलाओं को संक्रमण, पाचन संबंधी समस्याओं और मौसम में बदलाव के कारण थोड़ी अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है। गर्भ में पल रहे बच्चे का स्वास्थ्य काफी हद तक मां के स्वास्थ्य पर निर्भर करता है।

Advertisement

संतुलित और ताजा भोजन करें

    • घर का ताजा और अच्छी तरह पका हुआ भोजन खाएं।
    • कच्ची या बाहर की खुली चीजें खाने से बचें।
    • मौसमी फल और हरी सब्जियां अच्छी तरह धोकर ही खाएं।

पर्याप्त पानी पिएं

Advertisement
      • साफ या उबला हुआ पानी पिएं।
      • शरीर में पानी की कमी न होने दें, क्योंकि डिहाइड्रेशन मां और शिशु दोनों को प्रभावित कर सकता है।

संक्रमण से बचाव करें

        • हाथों को नियमित रूप से साबुन से धोएं।
        • गीले कपड़े या जूते लंबे समय तक न पहनें।
        • मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी या सुरक्षित रिपेलेंट का उपयोग करें।

नियमित प्रसवपूर्व जांच कराएं

Advertisement
          • डॉक्टर द्वारा बताई गई सभी जांच समय पर कराएं।
          • आयरन, कैल्शियम और फोलिक एसिड जैसी दवाएं डॉक्टर के निर्देशानुसार लें।

हल्की शारीरिक गतिविधि करें

            • यदि डॉक्टर ने अनुमति दी हो तो हल्की वॉक या गर्भावस्था के लिए उपयुक्त व्यायाम करें।
            • फिसलन वाली जगहों पर चलते समय विशेष सावधानी रखें।]

पर्याप्त आराम और अच्छी नींद लें

              • रोज़ पर्याप्त नींद लें।
              • तनाव कम रखने के लिए आराम करें और परिवार का सहयोग लें।

किन लक्षणों पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?

  • तेज बुखार।
  • बच्चे की हलचल कम महसूस होना (यदि गर्भावस्था उस चरण में है जहां हलचल महसूस होती है)।
  • तेज पेट दर्द, लगातार उल्टी या सांस लेने में तकलीफ।
  • हाथ, पैर या चेहरे पर अचानक बहुत ज्यादा सूजन या तेज सिरदर्द।

Related Articles

📢 पूरी खबर पढ़ने के लिए

बेहतर अनुभव के लिए ऐप का उपयोग करें

ऐप में पढ़ें
ऐप खोलें
ब्राउज़र में जारी रखें