भस्मार्ती फॉर्म के लिए 9 घंटे का इंतजार खत्म, अब 2 घंटे में मिलेंगे

अक्षरविश्व की खबर का असर, आम श्रद्धालुओं के हित में श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रशासन ने लिया निर्णय

पहले दोपहर 2 बजे से लगना पड़ता था लाइन में, तब जाकर रात 11 बजे बाद मिलता था फॉर्म
अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में प्रतिदिन होने वाली भस्मार्ती के ऑफलाइन फॉर्म लेने के लिए आम श्रद्धालुओं को अब ९ घंटे का इंतजार नहीं करना होगा। अक्षर विश्व की खबर के बाद मंदिर प्रशासन ने इस पर निर्णय लेते हुए बुधवार शाम से नई व्यवस्था बनाई है जो गुरुवार से लागू हो जाएगी। इसके तहत अब आम श्रद्धालुओं को नि:शुल्क भस्मार्ती के फॉर्म लेने में २ घंटे ही लगेंगे। इससे उन्हें दोपहर से लाइन में लगने की परेशानी से आजादी मिल जाएगी और वह इस समय का उपयोग शहर के टूरिस्ट स्पॉट पर घूमने में कर सकेंगे।
दरअसल, प्रतिदिन तड़के ४ बजे होने वाली भगवान महाकाल की भस्मार्ती में देशभर के श्रद्धालु शामिल होते हैं। इसके लिए मंदिर समिति ऑनलाइन के लिए 400 और प्रोटोकॉल के लिए 1140 श्रद्धालुओं को सशुल्क अनुमति जारी करती है। नि:शुल्क भस्मारर्ती दर्शन के लिए आम श्रद्धालुओं को ऑफलाइन 50 फार्म वितरित किए जाते हैं। हर फॉर्म पर 5 लोगों को परमिशन दी जाती है। इस तरह 50 फार्म पर 250 लोगों को अनुमति मिलती है लेकिन इसके लिए आम श्रद्धालुओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। त्रिवेणी संग्रहालय के समीप महाकाल लोक से रात 11 बजे से फॉर्म वितरित किए जाते हैं।
पहले आओ-पहले पाओ की तर्ज पर फॉर्म मिलने से बाहर से आए आम श्रद्धालुओं को दोपहर २ बजे लाइन में लगता पड़ा था। शाम 7 बजे क्रिस्टल कंपनी के सुरक्षाकर्मी पहले 50 लोगों को एंट्री देते थे और उन्हें 11 बजे तक अंदर ही बैठाया जाता था। इसके बाद फार्म बांटे वितरण शुरू होता था जिसमें एक से डेढ़ घंटे का समय लगता था। रात करीब 12:30 बजे श्रद्धालु फॉर्म लेकर फ्री होते थे और अगले दिन गेट नंबर 1 अवंतिका द्वार के समीप स्थित भस्मारती कार्यालय पहुंचते हैं जहां से उन्हें परमिशन मिलती है। इसके बाद वह अगले दिन तड़के भस्मार्ती में शामिल हो पाते हैं।
प्रमुखता से लगाई खबर तब जागे
अक्षरविश्व ने 8 जनवरी के अंक में ‘आम श्रद्धालुओं के लिए मशक्कत की भस्मार्ती, फॉर्म के लिए ९ घंटे इंतजारÓ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी जिसके बाद बुधवार शाम कलेक्टर नीरज कुमार सिंह के निर्देश पर मंदिर के प्रभारी प्रशासक एवं एडीएम अनुकूल जैन ने नई व्यवस्था बना दी। इसके तहत गुरुवार शाम ७ बजे श्रद्धालुओं को लाइन में लगना होगा और रात ८ से ९ बजे के बीच उन्हें फॉर्म वितरित कर दिए जाएंगे।
परमिशन भी सेम डे मिल जाए, ऐसी व्यवस्था करेंगे
प्रभारी प्रशासक व एडीएम अनुकूल जैन ने कहा कि गुरुवार से नई व्यवस्था लागू हो जाएगी। अब आम श्रद्धालुओं को जल्दी फॉर्म मिल जाएंगे। उन्हें लंबा इंतजार नहीं करना होगा। इसके अलावा उन्हें अगले दिन की जगह सेम डे ही फॉर्म जमा कर परमिशन दे दी जाए, इस व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है ताकि वे सुबह ही भस्मार्ती में शामिल हो सकें।
50 अनुमति की गड़बड़ी सामने आई
इधर, ऑफलाइन फॉर्म वितरण में 50 परमिशन की गड़बड़ी सामने आई है। रोज 50 फॉर्म वितरित किए जाते हैं और एक फॉर्म पर 5 श्रद्धालुओं को परमिशन जारी की जाती है। इस तरह 250 लोगों को अनुमति मिलती है, जबकि प्रभारी प्रशासक एवं एडीएम अनुकूल जैन का कहना है नि:शुल्क भस्मार्ती के लिए 300 श्रद्धालुओं को अनुमति दी जाती है। ऐसे में 50 अनुमति किसे जारी की जा रही है, इसकी कोई जानकारी नहीं है। जैन ने इस संबंध में जांच करवाने की बात कही है।








