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सियासी जंग में अब ‘विवेक’ के इस्तेमाल की बन रही रणनीति

कांग्रेस कार्रवाई से पहले मनाने की कर रही कोशिश

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अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन:विधानसभा चुनाव की सियासी जंग में उज्जैन उत्तर सीट भाजपा और कांग्रेस के लिए प्रतिष्ठा का विषय बन गई है। कांग्रेस से टिकट न मिलने से नाराज विवेक यादव द्वारा बगावत का झंडा उठा लेने वाले विवेक पर भाजपा और कांग्रेस दोनों की रणनीति केंद्रित हो गई है। भाजपा जहां ‘विवेक’ का इस्तेमाल करने की ताक में है तो कांग्रेस विवेक को अपने पास बनाए रखने की कोशिश में है।

उज्जैन उत्तर सीट से भाजपा उम्मीदवार घोषित होने से पहले ही राजनीति की बिसात पर शह और मात का खेल शुरू हो गया है। अंदरखाने की खबर है कि विधायक जैन खेमे ने संगठन में ऊपर तक यह बात पहुंचाई है कि विवेक का इस्तेमाल कर वे इस बार भी जीत हासिल कर लेंगे।

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चर्चा तो यहां तक चली है कि विवेक के चुनाव लडने का खर्च भी कोई उठा सकता है। इससे भाजपा की जीत आसान हो जाएगी। विवेक यादव ने कांग्रेस का दामन छोड़ आप पार्टी का पल्ला पकड़ लिया है। इससे उत्तर सीट का चुनाव न केवल रोचक हो गया है, बल्कि इससे कई नए राजनीतिक समीकरण बन गए हैं।

भाजपा इस कोशिश में है कि यादव मैदान में डटे रहें, जिससे पार्टी की राह के कांटे दूर हो जाएं। इसके लिए भाजपा अपनी रणनीति बनाने जुट गई है। विवेक निर्णय पर अटल रहे, इसके लिए प्यादे चले जा रहे हैं।

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इसलिए अब तक कांग्रेस ने नहीं की निष्कासन की कार्रवाई…

दूसरी ओर कांग्रेस विवेक यादव के आप पार्टी में शामिल होने से परेशानी में घिर गई है। उसके सारे राजनीतिक समीकरण गड़बड़ा गए हैं। इस कारण उसने अब तक बगावती कदम के बाद भी पार्टी से निष्कासन की कार्रवाई नहीं की है। सूत्रों के अनुसार यादव को मनाने की कोशिशें की जा रही हैं।

कांग्रेस नेत्री और मध्यप्रदेश महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष शोभा ओझा की यादव से बात हुई है। कमलनाथ भी एक प्रयास करने की कोशिश में हैं ताकि किसी तरह यादव को कांग्रेस में बनाए रखें। इसी कारण पार्टी ने अभी यादव के खिलाफ कोई एक्शन लेने की जगह नरम रुख रखा है।

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