उज्जैन: ग्रांड होटल पर्यटन विभाग को देने की तैयारी

शासन ने हैंडओवर के लिए नगर निगम को लिखा पत्र,
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एमआईसी और नगर निगम बोर्ड में जाएगा प्रस्ताव
अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। ग्रांड होटल को पर्यटन विभाग को सौंपने की तैयारी नगर निगम की ओर से तेज हो गई है। निगम और शहर की राजनीतिक हलचल बढऩे के आसार हैं, क्योंकि कई जनप्रतिनिधि इसके विरोध में हैं। दूसरी ओर निगम ने इसका प्रस्ताव तैयार कर एमआईसी और बोर्ड में भेजने की तैयारी कर ली है। हालांकि एमआईसी में भी इसका विरोध हो सकता है।
राज्य सरकार के प्रमुख सचिव ने एक पत्र नगर निगम आयुक्त को भेजा है, जिसमें कहा कि ग्रांड होटल को पर्यटन विभाग को हैंडओवर करने की प्रक्रिया करें। निगम ने इसकी पूरी जानकारी तैयार कर प्रस्ताव तैयार किया है। अब इसे पहले एमआईसी में भेजा जाएगा। एमआईसी की मंजूरी के बाद नगर निगम के साधारण सम्मेलन में भेजा जा सकेगा। सदन में प्रस्ताव पारित होने के बाद ही पर्यटन विभाग को हैंडओवर की जा सकेगी।
चार साल से चल रही कवायद
पिछले कई सालों से कवायद चल रही है। 2020 में भी तत्कालीन नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल के समय भी ग्रांड होटल को पर्यटन विभाग को सौंपने का मुद्दा गरमाया था। आयुक्त के प्रस्ताव पर संभागायुक्त और प्रशासक आनंदकुमार शर्मा ने स्वीकृति देकर पर्यटन विभाग को पत्र भी लिख दिया था। उस समय आयुक्त सिंघल ने कहा था कि हस्तांतरण के बाद होटल भवन और लॉन का स्वामित्व नगर निगम के पास ही रहेगा। इससे होने वाली आय में भी निगम की भागीदारी रहेगी। तत्कालीन आयुक्त सिंघल ने यह भी साफ किया था कि तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान के निर्देश पर ही यह प्रस्ताव बनाया गया है।
शहर की शान लेकिन आय कम खर्चा ज्यादा…
ग्रांड होटल भवन ऐतिहासिक महत्व की है और इसे शहर की शान माना जाता है।
इसमें 12 डबल बेड और दस सिंगल बेड हैं। इस तरह कुल 22 रूम हैं।
होटल कैम्पस में बड़ा लॉन भी है, जहां शादियों के रिसेप्शन होते हैं।
शहर में बड़ी होटलें बनने से अब इससे आय कम और खर्चा ज्यादा होता है।
बिजली बिल और स्टाफ की तनख्वाह पर खर्च ज्यादा होता है।
पूर्व निगम अध्यक्ष ने किया था विरोध
पूर्व निगम अध्यक्ष सोनू गहलोत ने ग्रांड होटल को पर्यटन विभाग को हस्तांतरित करने का खुलकर विरोध किया था। गेहलोत ने कहा था कि अगर ऐसा हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। सीएम और नगरीय प्रशासन विभाग मंत्री को पत्र लिखे थे।
ग्रांड होटल को पर्यटन विभाग को हैंडओवर करने की तैयारी लंबे समय से चल रही है लेकिन अभी मेरी जानकारी में नया कोई प्रस्ताव नहीं आया है। एमआईसी में प्रस्ताव आने पर सबकी सहमति से निर्णय होगा। –मुकेश टटवाल, महापौर









