चार साल बाद पशुओं की गिनती, तीन माह चलेगी

अबकी बार हर पशु का डाटा ऑनलाइन होगा
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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। 4 साल बाद एक बार फिर मप्र में पशुओं की गिनती होगी, जो 3 महीने तक चलेगी। अभियान में गाय, भैंस, कुत्ते, ऊंट, घोड़े, गधे, बकरा-बकरी, मुर्गा-मुर्गी आदि की गणना होगी। खास बात ये है कि अबकी बार हर पशु का डाटा ऑनलाइन होगा। टैब के जरिए डाटा कलेक्शन किया जाएगा।
प्रदेश में पशुओं की 20 वीं गिनती 2019 में हुई थी। अब 21 वीं गणना में पूरे प्रदेश में साढ़े 6 हजार संगणक और सुपरवाइजरों की ड्यूटी लगेगी, जो सभी 55 जिलों में 1 करोड़ 80 लाख परिवारों के घर-घर जाकर गिनती करेंगे। इस बार की गिनती में वे आंकड़ों को सीधे अपने टैब के जरिए ‘पशु गणना सॉफ्टवेयरÓ में फीड करेंगे। इसमें पशुओं की नस्लों के बारे में भी लिखा जाएगा। संगणक पशुओं का फोटो स्कैन करेंगे, तब सॉफ्टवेयर के जरिए पशुओं की नस्ल की जानकारी मिल जाएगी। इससे पशुओं की नस्ल के बारे में भी पता चल जाएगा।
ऐसे होगी गिनती
गांवों में 5264 इकाई और शहर में 728 शहरी वार्ड बनाए गए हैं। गांव में 3 हजार और शहरी क्षेत्र में 4 हजार परिवार 1-1 संगणक नियुक्त किए गए हैं। उनके ऊपर सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं। इस तरह कुल 5558 संगणक और 970 सुपरवाइजर इस काम को देखेंगे। पशुओं की गिनती से पहले भोपाल में स्टेट लेवल पर सेमिनार और ट्रेनिंग दी गई। इसमें गणना को लेकर पूरी जानकारी दी गई।
पूरे प्रदेश में एक साथ गणना शुरू होगी। अक्टूबर या नवंबर में इसकी शुरुआत हो जाएगी, जो अगले 3 महीने तक चलेगी।
– डॉ. अनुपम अग्रवाल, अतिरिक्त उप संचालक मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी विभाग।









