संपदा -2.0 : पुरानी रजिस्ट्री निकालना है तो अभी 2012 तक की ही मिलेगी

उज्जैन में भी पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन रजिस्ट्री की शुुरुआत
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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। संपदा 2.0 सॉफ्टवेयर गुरुवार को में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन कने को प्रदेश उज्जैन में शुक्रवार से इस पोर्टल के माध्यम से रजिस्ट्रियां शुरू होंगी। हालांकि अभी जो संपदा 1.0 से रजिस्ट्रियां हो रही हैं, वह भी होती रहेंगी। अधिकारियों का कहना है कि इतनी जल्दी नए सॉफ्टवेयर पर पूरी तरह शिफ्ट नहीं हो सकते। कोशिश होगी कि पक्षकारों को परेशानी न हो। रजिस्ट्री सहित अन्य कामों में सुविधा के लिए लॉन्च इस पोर्टल से काम होगा, लेकिन यदि आपको पुरानी रजिस्ट्री का रिकॉर्ड ऑनलाइन चाहिए तो वह अभी 2012 तक का ही मिलेगा।
अगस्त 2015 में संपदा 1.0 लॉन्च हुआ था। तब से अब तक का रिकॉर्ड तो ऑनलाइन है। पंजीयन विभाग ने इससे पहले के डेटा को अपलोड करने का काम 8 महीने पहले शुरू किया था। अब तक 3 साल का रिकॉर्ड अपलोड हो चुका है। वरिष्ठ जिला पंजीयक दीपक शर्मा ने बताया कि 2012 तक की 1 लाख 8 हजार 211 रजिस्ट्रियों को स्कैन करके डिजिटल की जा चुकी है। ये सब संपदा 2.0 पोर्टल पर उपलब्ध होंगी और ऑनलाइन सर्च कर सत्यापित कॉपी ली जा सकेगी। इससे पहले के डेटा को स्कैन कर अपलोड करने का काम जारी है। धीरे-धीरे पोर्टल अपडेट होने और सर्विस प्रोवाइडर को प्रक्रिया समझने के बाद इसे पूरी तरह अपना लिया जाएगा।
फोटो आईडी के बजाय आधार से डेटा लेगा पोर्टल
Q संपदा – 2.0 में ऐसा क्या है, जो पहले सॉफ्टवेयर में नहीं था?
घर बैठे आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए संपदा -2 के पोर्टल पर लॉग इन करना होगा। नए सॉफ्टेवयर में लोगों की सहूलियत को देखते हुए करीब 20 नई तकनीक जोड़ी गई हैं।
Q. क्या अब रजिस्ट्री के लिए ऑफिस जाना जरूरी नहीं होगा?
यह एक विकल्प है। अभी इंटरेक्शन बेस्ड प्रकिया शुरू हुई है। यानी स्लॉट बुक करके सब रजिस्ट्रार से ऑनलाइन इंटरेक्शन करेंगे।
Q. प्रॉपर्टी खरीदने से पहले उसकी जानकारी कैसे पता करें?
सॉफ्टवेयर में केवल नगरीय निकाय की प्रॉपर्टी आईडी भरनी होगी। संबंधित निकाय में उसकी जो भी जानकारी होगी, वो मिल जाएगी।
Q.क्या घर बैठे रजिस्ट्री दस्तावेज भी तैयार कर सकेंगे?
हां, इसे ऑटो डीड ड्राफ्टिंग कहा जा रहा है । सबमिट दस्तावेजों की जानकारी के आधार पर रजिस्ट्री दस्तावेज को सिस्टम खुद बना देगा। एडिट भी कर सकते हैं।
Q. थंब इंप्रेशन के लिए जरूरी डिवाइस की व्यवस्था क्या उपभोक्ता को खुद करनी होगी ?
फिलहाल हां, ये उन लोगों के लिए फायदेमंद होगी, जो रजिस्ट्रार ऑफिस काफी दूर रहते हैं। आने-जाने का खर्च और समय की बचत होगी।
Q.दस्तावेजों की जालसाजी न हो, इसके लिए क्या करेंगे?
पहले फोटो आईडी अपलोड करके पहचान होती थी। अब आधार बेस्ड प्रक्रिया होगी। पूरी व्यवस्था पेपरलेस है, इसलिए डिजिटल सिग्नेचर कहीं से भी कर सकेंगे। इसके लिए बायोमेट्रिक या आइरिश जरूरी होगा।
हस्ताक्षर की टेम्परिंग नहीं हो सकेगी। दस्तावेजों की जालसाजी नहीं होगी।









