महाकाल लोक के डिवाइडर में पौधे होने थे, अब उग रही है वहां घास

रूद्रसागर के समीप बने निर्गम द्वार पर बने डिवाइडर से पौधे नदारद, अभी दूसरे फेज का चल रहा काम
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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। श्री महाकाल लोक बनने के बाद शहर में पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्डतोड़ बढ़ोत्तरी हुई। इकोनॉमी को बूस्ट मिला, होटल संचालकों के चेहरे भी खिल उठे लेकिन देखरेख में हो रही लापरवाही के चलते अब इसकी सुंदरता पर भी ग्रहण लग रहा है।
दरअसल, त्रिवेणी संग्रहालय के समीप बनी पार्किंग से होकर चारधाम मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते के बीचोंबीच डिवाइडर बनाकर यहां कई प्रजातियों के सजावटी एवं खुशबू वाले फूलों के पौधे लगाए गए थे लेकिन इनकी सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम नहीं किए। लिहाजा अब आधे से अधिक डिवाइडर पर पौधे नदारद है और जो बचे हैं उनमें से कुछ सूख रहे हैं और बड़े हो गए हैं उन्हें आवारा मवेशी नुकसान पहुंचा रहे हैं। सुंदरता बढ़ाने और हरियाली से आच्छादित करने की मंशा पर अब ग्रहण लग रहा है।
पीएम मोदी ने किया था लोकार्पण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 अक्टूबर 2022 को श्री महाकालेश्वर मंदिर के नए परिसर महाकाल लोक का लोकार्पण किया था। इसके बाद देश-विदेश से लगातार श्रद्धालु महाकाल लोक को निहारने पहुंचते हैं। साथ ही पर्यटन, होटल, खानपान और ट्रांसपोर्ट से जुड़े कारोबार में करीब तीन गुना बढ़ोतरी हुई है।
टाइल्स टूटी, घास उग आई
रुद्रसागर के समीप बन रहे पुल के पास ही निर्गम द्वार है। यहां भी छोटी क्यारियां बनाकर पौधे लगाए गए थे ताकि जब श्रद्धालु गुजरे तो उन्हें ग्रीन उज्जैन की अनुभव हो। अब यहां टाइल्स टूट चुकी है, घास उग आई है और स्ट्रीट डॉग मिट्टी में खेल रहे हैं, जबकि महाकाल लोक के अंदर की ओर लगे पौधे लोहे की बाउंड्रीवॉल से सुरक्षित हैं जिससे घने होने के साथ इसमें सुंदर फूल भी खिल रहे हैं।









