199 करोड़ से बनेगा रोपवे, एक कैबिन में 10 व्यक्ति बैठ सकेंगे

रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर का सफर मात्र 7 मिनट में
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अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। आगामी सिंहस्थ महापर्व 2028 के मद्देनजर क्राउड मैनेजमेंट और श्रद्धालुओं की सुविधा के मद्देनजर शासन द्वारा रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर तक रोपवे परियोजना शुरू करने जा रही है। योजना पूरी होने के बाद लोग रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर का सफर मात्र 7 मिनिट में पूरा करेंगे।
रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर जाने का मुख्य मार्ग इंदौरगेट, हरिफाटक ओवर ब्रिज से बेगमबाग टर्न अथवा महाकाल लोक से होकर जाता है। उक्त मार्ग से यदि व्यक्ति को महाकाल मंदिर जाना है तो उसे 25 मिनिट का समय लगता है। कई बार उक्त मार्ग पर जाम अथवा भीड़ अधिक होने की स्थिति में समय अधिक भी हो सकता है। सिंहस्थ महापर्व में करोड़ों की संख्या में देश-विदेश के श्रद्धालु उज्जैन पहुंचेंगे। सिंहस्थ में अधिकांश श्रद्धालु मुख्यत: शिप्रा नदी में स्नान व महाकालेश्वर भगवान के दर्शनों को आते हैं। क्राउड मैनेजमेंट, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर शासन द्वारा अभी से प्लानिंग शुरू कर दी गई है। इसी के मद्देनजर रेलवे स्टेशन से श्री महाकालेश्वर मंदिर तक रोप वे परियोजना तैयार की गई है।
यातायात का दबाव होगा कम
रेलवे स्टेशन से महाकालेश्वर मंदिर की ओर जाने वाले मार्गों पर सिंहस्थ के दौरान भीड़ का अत्यधिक दबाव रहने वाला है। इसी के मद्देनजर शासन द्वारा रोपवे परियोजना पर काम शुरू कराया है। जो लोग रोपवे से मंदिर तक आना-जाना नहीं कर सकते वह सड़क मार्ग से पैदल अथवा लोक परिवहन के साधनों से भी मंदिर पहुंच सकेंगे।
3 स्टेशन रहेंगे
कुल 1.762 किलोमीटर लंबे रोपवे के कैबिन में लोगों के बैठने व उतरने के लिए 3 स्टेशन बनाए जाएंगे। एक कैबिन में 10 व्यक्ति बैठ सकते हैं। उक्त परियोजना को मेसर्स एमएस इंफ्राइंजीनियर्स प्रा.लि. पूर्ण करेगी। गेंडोला का प्रतिदिन अधिकतम परिचालन 16 घंटे का रहेगा।
एकीकृत रिकवरी और बचाव प्रणाली
मोनो केबल डिटैचेबल गोंडोला में टॉवर की संख्या 13 रहेगी। कैबिन की संख्या 48 रहेगी। बचाव के लिए एकीकृत रिकवरी प्रणाली का उपयोग किया जाएगा। रोपवे का काम करने वाली कंपनी द्वारा सर्वे का काम शुरू कर दिया गया है।









