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मनोज मुंतशिर बताएंगे… पता नहीं किस रूप में ‘नारायण मिल जाएंगे’

उज्जैन में आज से अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के रंग

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10 दिसंबर को होंगी गीता पर आधारित प्रतियोगिताएं…..

11 दिसंबर को विवेक बिंद्रा बताएंगे श्रीमद् भागवत की खूबियां

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अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। भगवान श्रीकृष्ण की विद्यास्थली उज्जैन में आज से अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव आरंभ होगा। प्रसिद्ध गीतकार मनोज मुंतशिर शुक्ला गीता संवाद: ‘नारायण मिल जाएंगे’ कार्यक्रम की प्रस्तुति देंगे। महोत्सव अंतर्गत गौ एवं गोपाल तथा श्रीमद् भागवत पुराण आधारित चित्रों की प्रदर्शनी आयोजित होगी, जो अपने आप में दुनिया की पहली होगी।

अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के माध्यम से उज्जैन श्रीकृष्ण की भक्ति से लोगों को जोड़ेगा और दुनिया को एक संदेश देगा कि गीता मनुष्य जीवन को उत्कृष्ट बनाती है। पहली बार मनोज मुंतशिर आज शाम करीब 7 बजे कालिदास अकादमी परिसर में मुक्ताकाशी मंच पर बने डोम से अपनी यह प्रस्तुति देंगे। महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने बताया गीता जयंती के अवसर पर पूरे मध्यप्रदेश में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।

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इस 5 दिवसीय महोत्सव के सुमन साहा (कोलकाता) निर्देशित गुरु दक्षिणा जो श्रीकृष्ण-गुरु सांदीपनि के आख्यान आधारित महानाट्य का मंचन होगा। निदेशक तिवारी ने बताया महोत्सव के क्रम में 9 दिसंबर को संजीव मालवीय निर्देशित महानाट्य कृष्णायन की प्रस्तुति होगी।

10 दिसंबर को सुबह 10 बजे गीता आधारित प्रतियोगिताएं होंगी। 11 बजे से श्रीमद् भागवत गीता आधारित संगोष्ठी का आयोजन होगा, जिसमें देश-विदेश के विषय विशेषज्ञ अपना वक्तव्य देंगे। सांस्कृतिक संध्या में गायिका कलापिनी कोमकली श्रीकृष्ण पर केंद्रित भजन प्रस्तुत करेंगी। इसके बाद श्री कुमार शर्मा एवं दल द्वारा श्रीकृष्ण: अनेक नाम-अनेक धाम नृत्य नाटिका प्रस्तुत करेंगे।

गीता जयंती 11 दिसंबर को प्रवचन और 5108 आचार्यों द्वारा गीता पाठ, मोटिवेशनल स्पीकर विवेक बिंद्रा की मोटिवेशनल स्पीच, श्रीमद् भागवत गीता एवं मूल्य आधारित शिक्षा प्रतियोगिताओं के पुरस्कार वितरण, श्रीगणेश गीता, श्रीराम गीता, श्रीदेवी गीता, श्रीशिव गीता, श्रीयम गीता, भारतीय ज्ञान परंपरा के विविध आयाम, समय का भारतीयकरण पुस्तकों एवं श्रीमद्भागगवद् गीता पाठ पर आधारित वीडियो का लोकार्पण होगा और सुदर्शन चक्र की संगीतमय यात्रा- श्रीकृष्ण गाथा नृत्य नाट्य की प्रस्तुति होगी। 12 दिसंबर को सुबह 8 बजे से सम्पूर्ण गीता पाठ एवं यज्ञ किया जाएगा।

बांह पकड़कर वो भेष बदलकर आएगा… मुंतशिर इस तरह मंच से करेंगे गीता संवाद

डूबेगी नहीं नाव तेरी, बांह पकड़कर वो भेष बदलकर आएगा, पता नहीं किस रूप में आकर नारायण मिल जाएगा।

कान लगा के सुन ले, सूखे हुए दरख्तों की लेता है भगवान परीक्षा।

एक प्रश्न है गहरा, जिसकी हरि को थाह लगानी है, तेरी श्रद्धा सोना है या वह सोने का पानी है।

जो फूल रखे डाली पर, विश्वास तो रख उस माली पर। हाथ में पत्थर है तो पत्थर भी खिल जाएगा, पता नहीं किस रूप में नारायण मिल जाएगा।

नियति भेद नहीं करती, जो लेती है वो देती है, जो बोएगा वो काटेगा, ये जग कर्मों की खेती है।

यदि कर्म तेरे पावन है, डूबेगी नहीं तेरी नैया कभी।

किस दिन क्या कार्यक्रम

पहला दिन, 8 दिसंबर : प्रसिद्ध गीतकार मनोज मुंतशिर गीता पर संवाद करेंगे। श्री कृष्ण-गुरु सांदीपनि की कथा पर आधारित सुमन साहा (कोलकाता) द्वारा निर्देशित नाटक गुरु दक्षिणा का मंचन।

दूसरा दिन, 9 दिसंबर : संजीव मालवीय द्वारा निर्देशित महान नाटक कृष्णायन की प्रस्तुति।

तीसरा दिन, 10 दिसंबर : गीता पर आधारित प्रतियोगिताएं और श्रीमद्भगवद्गीता पर आधारित संगोष्ठी। कलापिनी कोमकली और उनके भगवान कृष्ण पर आधारित भजनों की प्रस्तुति। कुमार शर्मा और टीम द्वारा नृत्य नाटिका श्रीकृष्ण: अनेक नाम-अनेक धाम की प्रस्तुति।

चौथा दिन, 11 दिसंबर: 5108 आचार्यों द्वारा गीता पाठ, विवेक बिंद्रा की मोटिवेशनल स्पीच। सुदर्शन चक्र यात्रा और श्री कृष्ण गाथा नृत्य नाटिका की प्रस्तुति।

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