खाना खाकर निकले और नाले में समां गए ड्रायफ्रूट कारोबारी

चीखे तो परिजनों ने बाहर निकला तब बच सकी जान
नगर निगम के कर्णधारों अब तो जाग जाओ
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- इस (14) वार्ड के पार्षद क्या कर रहे…? अगर उन्होंने अपने इलाके का दौरा
- कर इस गड्ढे को देख लिया होता तो शब्बीर भाई गंदे पानी में नहीं गिरते
- इन हादसों के जिम्मेदार कौन है ? नगर निगम आयुक्त अभी तक मौन हैं
2 मिनट 24 सेकंड के सीसीटीवी फुटेज की तस्वीरों में देखिए कैसे ड्रायफ्रूट कारोबारी जानलेवा नाले में गिरे और फिर निकाले गए
विशाल जूनवाल की रिपोर्ट | उज्जैन। खाना खाकर घर जाने के लिए निकले ड्रायफ्रूट कारोबारी चैंबरनुमा नाले में गिर गए। वह चीखे तो परिजनों ने उन्हें बाहर निकाला वरना गंभीर हादसा हो सकता था। उन्हें चेहरे, घुटने और हाथ में चोट लगी है। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है जिसमें पूरी घटना कैद है। 7 फीट गहरा यह नाला करीब सात माह से खुला है जिसमें पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिम्मेदारों को शिकायत करने के बाद भी स्थिति जस की तस है जिससे आसपास के रहवासियों में गुस्सा है।
घटना वार्ड क्रमांक 14 के गोंसा दरवाजा स्थित जमातखाने के समीप मल्टी में रहने वाले शब्बीर कापड़ी के साथ हुई। कमरी मार्ग पर ड्रायफ्रूट का व्यापार करने वाले शब्बीर शुक्रवार शाम को जमातखाने में समाज के कार्यक्रम में खाना खाने गए थे। वहां से शाम करीब 6:30 बजे वह बाहर आए और घर जा रहे थे, इसी दौरान 7 फीट गहरे नाले में गिर गए। जैसे-तैसे चीखे तो परिजन और समाजजन वहां पहुंचे और मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला।
चोट लगी और दुकान भी नहीं जा सका
शब्बीर कापड़ी ने बताया कि नाले में गिरने से चेहरे, घुटने और हाथ में चोट लगी है जिसके चलते शनिवार को दुकान भी नहीं जा सका। उस नाले में खड़े होने की भी जगह नहीं है, यदि चिल्लाता नहीं तो किसी को पता नहीं चलता मैं कहां गया। यह नाला करीब एक साल से खुला पड़ा है। इससे पहले भी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। जमातखाने की कमेटी ने इस संबंध में क्षेत्रीय पार्षद प्रतिनिधि मुजीब सुपारीवाला के साथ नगर निगम और सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत की लेकिन अभी तक इसे ना तो ढंका गया और ना ही बंद किया गया।
क्या बड़ी घटना का इंतजार कर रहे जिम्मेदार
यह घटना बताती है कि अपनी जिम्मेदारी को लेकर पार्षद और नगर निगम कितने सजग हैं। यह चैंबरनुमा नाला पिछले एक साल से खुला है, कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं जिससे बोहरा समाज में गुस्सा है। उन्होंने जिम्मेदारों को अवगत भी करवाया लेकिन लगता है जिम्मेदार किसी बड़ी घटना के होने का इंतजार कर रहे हैं।
मेरे वार्ड का मामला नहीं
नाला मेरे वार्ड में नहीं बल्कि वार्ड 13 में आता है। फिर भी हमारे द्वारा सोमवार को नाले पर जाली लगवा दी जाएगी। – मुजीब सुपारीवाला, पार्षद प्रतिनिधि, वार्ड क्र. 14
यह मुजीब के वार्ड का मामला
जिस नाले में हादसा हुआ, वह हिस्सा मुजीब सुपारीवाला के वार्ड में आता है। – इमरान खान, पार्षद, वार्ड क्र. 13










