इंदौर में बना 63वां ग्रीन कॉरिडोर

इंदौर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुए एक सड़क हादसे के बाद 51 वर्षीय पूरन लाल चौधरी की ब्रेन डेथ घोषित की गई, जिसके बाद उनके परिवार ने अंगदान का निर्णय लिया। चौधरी की किडनी इंदौर के बॉम्बे हॉस्पिटल में उपचाररत 44 वर्षीय मरीज को प्रत्यारोपित की गई, जबकि दूसरी किडनी जबलपुर के मेट्रो हॉस्पिटल में भर्ती 55 वर्षीय महिला को दी गई। इसके अलावा, दिवंगत की आंखें और त्वचा भी दान की गईं।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe
इस सफल अंगदान को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए इंदौर प्रशासन, ट्रैफिक पुलिस और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने समन्वित प्रयास किए। ग्रीन कॉरिडोर बनाकर बॉम्बे हॉस्पिटल तक किडनी को महज 18 मिनट में पहुंचाया गया।
ब्रेन डेथ की पुष्टि होने के बाद सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, जबलपुर ने सोटो मध्य प्रदेश को सूचित किया। इसके बाद, इंदौर के बॉम्बे हॉस्पिटल के डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. अमित जोशी और डॉ. राजेंद्र सिंह की टीम अंग रिट्रीवल के लिए जबलपुर पहुंची।मुख्यमंत्री मोहन यादव द्वारा शुरू की गई “पीएम श्री वायु पर्यटन योजना” के तहत, एक विमान को विशेष अनुमति देकर एयर एंबुलेंस में बदला गया।









