कारों को अटैच कर गिरवी रखने वाले बदमाश पुलिस को कर रहा गुमराह

साथी की तलाश जारी 3 और कारें जब्त

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। कारों को कंपनी में मासिक किराए पर अटैच कर गिरवी रखकर फरार हुए इनामी बदमाश को नानाखेड़ा थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर उसे रिमांड पर लिया। उसने अपने दोस्त के साथ उक्त कांड को अंजाम देना स्वीकार किया जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।
पिछले दिनों नानाखेड़ा थाने में एक दर्जन से अधिक कार मालिकों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि जगदीश परमार नामक व्यक्ति ने उसकी कंपनी में 25-30 हजार रुपए प्रतिमाह के मान से शासकीय विभागों में कारें अटैच करने की बात कही और अनुबंध कराने के बाद कारें ले ली थीं। उसने कुछ माह तक मासिक किराया दिया और 2-3 माह से किराया देना बंद कर दिया। शंका होने पर उसके घर और ऑफिस गए लेकिन वह नहीं मिला। जगदीश का मोबाइल भी बंद था।
जब उसका पता नहीं चला तो पुलिस को शिकायत की। पुलिस ने जांच शुरू की जिसमें उक्त लोगों की कारों को शाजापुर, देवास, आगर सहित अन्य जिलों में गिरवी रखने की बात सामने आई थी। पुलिस ने जगदीश की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए की ईनाम की घोषणा भी की। नानाखेड़ा थाने की टीम ने अलग-अलग जगह से 10 कारें जब्त की और उसके बाद जगदीश परमार को भी गिरफ्तार कर लिया।
12 मार्च तक रिमांड पर है आरोपी
टीआई नरेन्द्र यादव ने बताया कि जगदीश परमार को 12 मार्च तक रिमाण्ड पर लिया गया है। उसने पूछताछ में अपने साथी माकड़ौन निवासी मोढ़सिंह गुर्जर के साथ कारें गिरवी रखने की बात कबूली। पुलिस द्वारा मोढ़सिंह की तलाश की जा रही है। पुलिस ने पूर्व में 21 कारें जब्त की थीं। जगदीश से पूछताछ के बाद 3 कारें और जब्त हुई हैं। जगदीश पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहा। पुलिस की जांच में 7 कारों की और जानकारी मिली है जिन्हें जब्त करने के प्रयास जारी हैं।









