Advertisement

पुलिस वालों में अकस्मात मृत्यु, दिनचर्या का अस्त-व्यस्त होना

डॉ. गर्ग बोले- समय पर सही नींद नहीं, कसरत का अभाव, सुबह-शाम खाने का कोई निश्चित समय नहीं

Advertisement

अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. विजय गर्ग ने बताया कि पुलिस महकमे में पिछले 3 माह में उज्जैन जिले में 3 पुलिस वालों की अकस्मात मौत हुई है। ये देखा गया है कि पुलिस वाले अपने स्वास्थ्य का अपनी दैनिक दिनचर्या पर ध्यान नहीं दे पाते है।

पुलिस वाले आम जनता से थोड़े से अलग हैं, क्योंकि लगातार अपराध, राजनीति के सोशल काम का प्रेशर एवं अपने ऊपर वालों का प्रेशर यह एक मुख्य कारण है। काम का निश्चित समय नहीं, समय पर सही नींद नहीं, कसरत का अभाव, सुबह एवं शाम के खाने का कोई निश्चित समय नहीं, कचोरी-समोसे खाना, लगातार ऑफिस मैं बैठे रहना, ना कसरत करना, मोटापा, बीड़ी, सिगरेट, तंबाकू का सेवन, उच्च रक्तचाप, डायबिटीज कोलेस्ट्रॉल का ज्यादा होना। मुख्य कारण पाए जाते हैं।

Advertisement

क्या करें कैसे कम करें?

सप्ताह में एक दिन की छुट्टी होना। घर में घर का खाना रात 8 बजे से पहले।

Advertisement

 जल्दी जल्दी खाना न खाएं। परिवार के साथ प्रतिदिन भजन और अन्य मनोरंजक खेल खेलें।

काम के समय ज्यादा से ज्यादा पैदल चलें, लिफ्ट का उपयोग नहीं। काम में जल्दी नहीं, समय की बाध्यता नहीं।

प्रतिवर्ष अपना ब्लड प्रेशर, शक्कर की बीमारी और कोलेस्ट्रॉल का परीक्षण एवं निमित जांच अपने डॉक्टर से करना है। साथ ही उपरोक्त बीमारी की निमित दवा लेना है एवं जब तक डॉक्टर ना कहे छोडऩा नहीं है। प्रतिदिन 30 मिनट कसरत करना है।

पेट का गहरा 36 इंच से ज़्यादा नहीं और 65 किलो से ज्यादा वजन नहीं। छाती की तकलीफ़ एवं पेट की तकलीफ़ को गैस का दर्द ना समझे, तुरंत उसके लिए डॉक्टर की सलाह ले, नजरअंदाज ना करे। हृदय का दर्द उसमे मुख्य बात यह है कि पूरी छाती में अगर दर्द हो गुब्बारा छाती मेंं भरने जैसा लग रहा हो, दर्द गर्दन पर जा रहा हो, हाथ पर जा रहा हो, दर्द चलने पर हो, खाना खाने के बाद हो, पसीने से लथपथ हो या बेहोशी के साथ हो तो यह दर्द दिल का दर्द होता है। तुरंत अस्पताल में जाकर ईसीजी कराएं।

Related Articles

📢 पूरी खबर पढ़ने के लिए

बेहतर अनुभव के लिए ऐप का उपयोग करें

ऐप में पढ़ें
ऐप खोलें
ब्राउज़र में जारी रखें