पानी के लिए माथापच्ची… अब नदी किनारे खोद रहे 12 फीट गहरी ट्रेंच

एनवीडीए से भी प्रशासन ने मांगा पानी, पहले लाइन जोडऩे पर फोकस
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उज्जैन। शहर में पेयजल सप्लाई के मुख्य स्रोत गंभीर डेम में 160 एमसीएफटी पानी ही शेष बचने पर प्रशासन की नींद उड़ गई है। डेम में इंटेकवेल तक पानी लाने के लिए 12 फीट गहरी ट्रेंच खोदी जा रही है ताकि रुका पानी तेजी से आ सके। नर्मदा का पानी लाने की कवायद भी शुरू कर दी है। डेम को नर्मदा लाइन से जोडऩे पर फोकस है। गंभीर डेम लगभग खाली हो गया है। इसमें इंटेकवेल तक बचा पानी लाने के लिए चैनल कटिंग करने के बाद 12 फीट गहरी ट्रेंच खोदी जा रही है ताकि पानी को तेजी से डेम की ओर लाया जा सके। नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने पीएचई को 10 दिनों में नर्मदा की लाइन को लालपुल के पास जोडऩे की डेडलाइन दी है ताकि नर्मदा का पानी सीधे डेम तक पहुंचाया जा सके। अधिकारियों के अनुसार नर्मदा नदी का पानी नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (एनवीडीए) से मांगा गया है, लेकिन अभी इस बात पर फोकस किया जा रहा है कि लालपुल के पास लाइन जोडऩे का अधूरा काम पूरा किया जा सके। इसके बाद निगम प्रशासन एनवीडीए को जरूरत के अनुसार डिमांड भेज सके।
इसलिए खोद रहे ट्रेंच
बडऩगर रोड स्थित खड़ोतिया गांव के पास पानी जमा है, लेकिन नदी का लेवल न होने से पानी चैनल कटिंग के बाद भी आगे नहीं बढ़ पा रहा है। इस कारण गुरुवार से 12 फीट गहरी ट्रेंच खोदी जा रही है। यह करीब 500 फीट लंबी होगी। इससे पानी को डेम की तरफ तेजी से बढ़ाया जा सकेगा।
नर्मदा लाइन से डेम जोडऩे पर फोकस
गंभीर की स्थिति को देखते हुए चैनल कटिंग का काम शुरू कर दिया गया है। अभी हमारा फोकस नर्मदा की लाइन को डेम से जोडऩे पर है। नर्मदा का पानी भी मांगा जा रहा है।
अभिलाष मिश्रा, आयुक्त नगर निगम









