आईआरसीटीसी ने इंटरफेस बदला ‘नो फूड’ ऑप्शन अब नीचे छिपा

यात्री बोले- ये बदलाव पारदर्शिता की कमी, रेलवे विभाग जबरन खाना खिला रहा

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। वंदेभारत राजधानी, शताब्दी और दूरंतो जैसी ट्रेनों में यात्रियों को मिलने वाली ऑन बोर्ड कैटरिंग में अब पैसेंजर्स के सामने नई परेशानी खड़ी हो गई है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (आईआरसीटीसी) की वेबसाइट और एप पर टिकट बुक करते समय नो फूड का विकल्प अब पहले की तरह स्पष्ट नजर नहीं आता।
अक्टूबर 2025 की शुरुआत में इंटरफेस अपडेट होने के बाद यह ऑप्शन नीचे (अंदर प्रेफरेंसेस) में चला गया है जिससे अधिकांश यात्रियों को यह दिखाई ही नहीं दे रहा है। नतीजतन उन्हें टिकट के साथ फूड चार्ज भी देना पड़ रहा है।
2017 में शुरू हुआ था ‘नो फूड’ ऑप्शन
1 अगस्त 2017 को रेलवे बोर्ड ने निर्णय लिया था कि राजधानी, शताब्दी और दूरंतो जैसी ट्रेनों में यात्रियों को ‘नो फूड’ का विकल्प दिया जाएगा। यात्री यदि ट्रेन का भोजन नहीं लेना चाहता तो वह टिकट बुकिंग के दौरान ‘नो, आई डॉन्ट वॉन्ट फूड’ चुन सकता था। इससे टिकट से भोजन का चार्ज अपने आप घट जाता था। यह व्यवस्था यात्रियों के बीच लोकप्रिय हुई क्योंकि कई लोग खाना घर से साथ लाना पसंद करते हैं।
अक्टूबर में हुआ इंटरफेस अपडेट
इसी माह अक्टूबर की शुरुआत में आईआरसीटीसी ने वेबसाइट और एप के इंटरफेस में बदलाव किया। पहले नो फूड का ऑप्शन टिकट बुकिंग पेज पर स्पष्ट दिखता था, अब उसे कैटरिंग सर्विस ऑप्शन के ड्रॉपडाउन में नीचे की ओर शिफ्ट कर दिया है। यह बदलाव इतना छोटा है कि जल्दी टिकट बुक करने वाले पैसेंजर इसे देख ही नहीं पाते। कई को यह लगता है विकल्प हटा दिया है और मजबूरी में फूड चार्ज जोडक़र टिकट कन्फर्म करना पड़ता है।
अनुभव को बेहतर बनाने किया बदलाव
दरअसल, यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के उद्देश्य से ई-टिकटिंग इंटरफेस में यह बदलाव किया गया है। ‘कैटरिंग सर्विस ऑप्शन’ के तहत अब ड्रॉपडाउन मेन्यू में शाकाहारी, मांसाहारी, डायबिटीक शाकाहारी और डायबिटिक मांसाहारी विकल्प शामिल किए गए हैं। ‘नो, आई डॉन्ट वांट फूड’ का विकल्प अब ‘पेमेंट मोड’ फील्ड के ठीक पहले दिखेगा। टिकट बुकिंग आगे बढ़ाने से पहले यात्री को या तो कोई फूड टाइप चुनना होगा या ‘नो फूड’ विकल्प को सिलेक्ट करना जरूरी होगा।









