रोहिणी नक्षत्र में 16 अगस्त को मनेगी जन्माष्टमी

सांदीपनि आश्रम में रात 12 बजे होगी जन्म आरती, अन्य मंदिरों में भी छाएगा उत्सव का उल्लास

इस्कॉन में तीन दिन तक मनेगा महोत्सव
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव १६ अगस्त को रोहिणी नक्षत्र में मनाया जाएगा जो इस दिन को विशेष बनाएगा। भगवान कृष्ण की जन्मतिथि के महत्व के साथ रोहिणी नक्षत्र रात्रिकालीन रहेगा। ज्योतिर्विद पं. अजय कृष्ण शंकर व्यास ने बताया कि अष्टमी तिथि की शुरुआत 15 अगस्त से होगी और समाप्ति 16 अगस्त को होगी। उज्जैन में भगवान श्रीकृष्ण का महत्व अत्यंत गहरा और बहुआयामी है। यह धार्मिक, पौराणिक और सांस्कृतिक तीनों दृष्टि से विशेष है।
इधर, शहर के प्रमुख मंदिर गोपाल मंदिर, सांदीपनि आश्रम, छोटा गोपाल मंदिर फ्रीगंज, इस्कॉन सहित अन्य मंदिरों में जन्माष्टमी उत्सव का उल्लास छाएगा। पूजन-पाठ के साथ इस दिन मंदिरों पर विशेष साज-सज्जा की जाएगी, भगवान का मनोहारी शृंगार किया जाएगा। दिनभर भक्त भगवान के दर्शन के लिए पहुंचेंगे। इसके बाद रात में जन्म आरती की जाएगी। फिलहाल मंदिरों में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
इस्कॉन मंदिर
भरतपुरी स्थित इस्कॉन मंदिर में 15 से 17 अगस्त तक जन्माष्टमी महोत्सव मनाया जाएगा। नगर संकीर्तन से शुरू होने वाले तीन दिवसीय महोत्सव में 16 अगस्त की रात 12 बजे महाआरती की जाएगी और 17 अगस्त को नंद उत्सव मनाया जाएगा। इस्कॉन के कम्यूनिकेशन डायरेक्टर राघव पंडित दास ने बताया 15 अगस्त को सुबह 6 से 7.15 बजे तक नगर संकीर्तन श्रीकृष्ण-बलराम रथ के साथ इस्कॉन से निकलेगा जो विक्रम वाटिका, कोठी पैलेस से होकर पुन: इस्कॉन मंदिर पहुंचेगा।
15 अगस्त शाम 4 बजे फूड कॉर्निवाल होगा। 16 अगस्त को सुबह दर्शन आरती में भगवान के नूतन पोशाक में मनोहारी दर्शन होंगे। दिनभर भजन कीर्तन। चलेंगे, शाम 5 बजे से अभिषेक की शुरुआत होगी। श्रद्धालु भी प्रतिकृति पर स्वयं अभिषेक कर सकेंगे। कई प्रदर्शनी और स्टॉल्स भी होंगे। रात 10.30 पर महाअभिषेक और 12 बजे महाआरती की जाएगी। जन्माष्टमी पर पूरे दिन फरियाली प्रसाद का वितरण होगा। 17 अगस्त को नंद उत्सव मनाया जाएगा। इस्कॉन संस्थापकाचार्य प्रभुपादजी के आविर्भाव दिवस पर उनकी महिमा का वर्णन किया जाएगा और दोपहर में प्रसाद वितरण होगा।
सांदीपनि आश्रम
मंगलनाथ रोड स्थित सांदीपनि आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण ने अपने बाल्यकाल में भाई बलराम और मित्र सुदामा के साथ शिक्षा प्राप्त की। गुरुदक्षिणा में श्रीकृष्ण ने महर्षि सांदीपनि के मृत पुत्र को यमलोक से वापस लाकर जीवनदान दिया। पं. शिवांश व्यास ने बताया जन्माष्टमी पर यहां विशेष उत्सव मनाया जाएगा। 16 अगस्त को ब्रह्ममुहूर्त में भगवान का अभिषेक एवं पूजन किया जाएगा। दिनभर धार्मिक आयोजन होंगे और मंदिर पर विशेष साज-सज्जा की जाएगी। मध्य रात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण की जन्म आरती की जाएगी। 17 अगस्त को नंद उत्सव मनाया जाएगा।
छोटा गोपाल मंदिर
टॉवर चौक स्थित मंदिर में भी जन्माष्टमी पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। मंदिर के व्यवस्थापक सुनील यादव ने बताया कि 16 अगस्त को शाम 7 बजे से भजन संध्या होगी। रात 12 बजे महाआरती की जाएगी जिसमें श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में मौजूद रहेंगे। इसके बाद जन्मकथा का वाचन किया।









