एक बीमारी और दूसरी ससुरालियों से परेशान थी, तीसरे की पत्नी ससुराल नहीं आ रही थी

एक ही दिन में खुदकुशी के तीन केस, तीनों की ही उम्र 30 से ज्यादा नहीं थी, परेशानी नहीं झेल सके…
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अक्षरविश्व न्यूज नागदा, खाचरौद। ससुराल पक्ष की प्रताडऩा वह सह नहीं सकी। सब्र का बांध टूटा तो उसने जीवन डोर फंदे पर लटक कर तोड़ दी। दूसरी पेट की गठान और कैंसर की संभावना से परेशान थी। उसने भी अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। तीसरा केस युवक का है। इस विवाहित को परेशानी यह थी कि पत्नी मायके में थी। ससुराल नहीं आ रही थी। उसने ससुराल में जाकर मौत को गले लगा लिया। 24 घंटे में आत्महत्या के ये तीन केस हुए हैं। तीनों मृतकों की उम्र करीब 23, 24 और 30 साल बताई गई। मृतकों में दो नागदा और एक बड़ागांव की है। दो मृतक विवाहित है, जो अपने पीछे तीन बच्चे छोड़ गए और एक अविवाहिता है। सभी मामलों की पुलिस जांच कर रही है।
घर में चांदनी फंदे पर लटकी हुई थी
मारुति गार्डन के पीछे रहने वाली 24 साल की जया उर्फ चांदनी पिता राजेंद्र पांचाल (24) ने अपने मकान में फांसी लगा ली। वह घर में अकेली थी। परिजन जैसे ही घर पहुंचे तब उन्होंने जया को फंदे पर लटका हुआ पाया। उसे सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। बिरलाग्राम पुलिस ने बताया घटनाक्रम बुधवार रात करीब 8 बजे का है लेकिन अस्पताल से उन्हें सूचना देर रात करीब 10.30 बजे मिली थी। गुरुवार को पीएम कराने के बाद पुलिस ने शव परिजन को सौंप दिया है। जांच अधिकारी एसआई संजय माथुर के अनुसार परिजन से प्रारंभिक चर्चा में पता चला है कि मृतका के पेट में गठान पर डॉक्टर ने कैंसर की संभावना जता दी थी। इसी अवसाद में युवती ने आत्मघाती कदम उठाया है। जानकारी के अनुसार मृतका ने सुसाइड नोट भी छोड़ा है लेकिन इसकी पुष्टि पुलिस ने नहीं की है।
छह माह का बच्च छोड़ कर दुनिया से चली गई पवन
खाचरौद थाना क्षेत्र के ग्राम बडग़ांव में जीवन बोडाना की पत्नी पवन बाई ने फांसी के फंदे पर लटक कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। पता चला है कि वह पति और ससुराल के सदस्यों से परेशान थी।
खरसोद निवासी पवन बाई का विवाह एक वर्ष पूर्व जीवन बोडाना के साथ हुआ था। छह माह का छोटा बच्चा छोडक़र मां द्वारा आत्महत्या करने पर क्षेत्र के लोग स्तब्ध हैं। आत्महत्या की सूचना मिलने पर एसडीओपी आकांक्षा बैछोटे,थाना प्रभारी धनसिंह नलवाया, तहसीलदार गुलाब सिंह परिहार मौके पर पहुंचे। मृतका के परिजन को बुलाया गया।
उन्होंने ससुराल पक्ष पर प्रताडि़त करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि आरोपियों को सजा मिले। एसडीओपी ने परिजन को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया, घटना स्थल और शव की वीडियोग्राफी करवाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। महिला ने फांसी क्यों लगाई। इस मामले में पुलिस पता लगा रही है। फिलहाल ससुरालियों की प्रताडऩा का मामला सामने आया है।
राहुल ने जैथल टेक में जाकर सल्फास खा लिया
जबरन कॉलोनी गली में रहने वाले राहुल खिंची (30) ने अपने ससुराल जैथल टेक में जाकर सल्फास खा लिया। दर्द उठने पर युवक चरक भवन पहुंचा, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच में ले लिया है। घटनाक्रम बुधवार शाम 5 से 6 बजे के बीच का बताया जा रहा है। गुरुवार को मृतक का अंतिम संस्कार नागदा में किया गया। मृतक के पड़ोसियों ने बताया करीब 6 साल पहले उसकी शादी ममता से हुई थी। मृतक के दो बच्चे हैं। जानकारी के अनुसार राहुल बीते कुछ सालों से अपनी पत्नी और बच्चों के साथ उज्जैन में किराए के मकान में रहता था। वह पेंटिंग का काम करता था। करीब 4 महीने से उसकी पत्नी ममता अपने बच्चों के साथ मायके में रह रही थी। इस बात से राहुल परेशान था। वह चाहता था कि पत्नी उसके साथ रहे। बताया जाता है कि बुधवार को राहुल अपने ससुराल गया, जहां उसने सल्फास खा लिया। तकलीफ होने पर वह चरक भवन पहुंचा, जहां उसकी मौत हो गई। मृतक के परिवार में उसके अलावा बड़ा भाई रवि है, मां पुष्पा रवि के साथ रहती है। पिता मांगीलाल का काफी साल पहले देहांत हो गया था।









