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महाशिवरात्रि : रात 12 बजे से लगेगी कतार 2.30 बजे से खुलेंगे श्री महाकाल मंदिर के पट

44 घंटे निरंतर भक्तों को दर्शन देंगे बाबा महाकाल

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि महापर्व की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। भक्तों को अब शनिवार रात 2.30 बजे का बेसब्री से इंतजार है, जब मंदिर के पट खुलेंगे और राजाधिराज भगवान महाकाल भक्तों को दर्शन देंगे। मंदिर की अटूट पूजन परंपरा के अनुसार शनिवार-रविवार की दरमियानी रात पट खोल दिए जाएंगे। इसके बाद 16 फरवरी की रात 11 बजे तक यानी लगातार 44 घंटे तक मंदिर के पट खुले रहेंगे। इस दौरान पूजन-पाठ और दर्शन का दौर चलेगा।

चांदी के सिक्के होंगे न्यौछावर
महाशिवरात्रि पर भगवान महाकाल का अनूठा शृंगार किया जाएगा। गर्भगृह में महापूजा के दौरान भगवान के शीश पर सवा मन फल और फूलों से बना विशेष सेहरा सजाया जाएगा। परंपरा के अनुसार दूल्हे राजा बने महाकाल पर चांदी के सिक्के न्यौछावर किए जाएंगे।

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40 मिनट में दर्शन का लक्ष्य
प्रशासन ने इस बार श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए व्यापक इंतजाम किए हैं। अधिकारियों का दावा है कि सुव्यवस्थित दर्शन मार्ग और प्रभावी क्राउड मैनेजमेंट के चलते भक्तों को मात्र 40 मिनट में दर्शन करवा दिए जाएंगे।

16 को दोपहर में भस्मार्ती
16 फरवरी को महाशिवरात्रि उत्सव का समापन होगा। साल में यह एकमात्र मौका होता है जब दोपहर में भस्मार्ती होती है। इस दिन 3 क्विंटल फूलों से बना बाबा महाकाल का सेहरा भक्तों के बीच लुटाया जाता है। मान्यता है कि बाबा के सेहरे के धान, फूल आदि रखने से घर हमेशा धन-धान्य से भरा रहता है।

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दर्शन के लिए यहां से एंट्री

सामान्य दर्शनार्थी- कर्कराज पार्किंग मेें वाहन पार्क कर भील समाज की धर्मशाला के सामने चारधाम मंदिर और शक्तिपथ के रास्ते श्री महाकाल महालोक से मंदिर में प्रवेश करेंगे। कर्कराज पार्किंग तक पहुंचने के लिए हरिफाटक ब्रिज के नीचे से जयसिंहपुरा की ओर से होते आ सकते हैं। बड़ा पुल, बडऩगर रोड और इंदौर रोड की ओर से आने वाले भूखी माता मंदिर से होते हुए कर्कराज पार्किंग तक पहुंचेंगे।

शीघ्र दर्शन टिकटधारी- 250 रुपए के शीघ्र दर्शन टिकट वाले श्रद्धालुओं को सम्राट अशोक सेतु और बड़े गणेश मंदिर के सामने वाले द्वार से एंट्री दी जाएगी। बड़ा गणेश मंदिर की ओर जाने के लिए हरसिद्धि चौराहा से पहुंचा जा सकता है। वहीं सम्राट अशोक सेतु से जाने के लिए चारधाम मंदिर के सामने से अलग बैरिकेड्स से होते हुए पहुंचना होगा। पुल से होते हुए टिकटधारी सीधे मानसरोवर गेट पहुंचेगे। वाहन कर्कराज पार्किंग में खड़े होंगे।

वीवीआईपी, मीडिया व आमंत्रित – प्रोटोकॉल के तहत आने वाले वीवीआईपी मीडिया और पासधारी आमंत्रित दर्शनार्थी को बेगमबाग मार्ग स्थित नीलकंठ द्वार से प्रवेश मिलेगा। जो आगे गेट नंबर एक से होते हुए अंदर जाकर भगवान महाकाल के दर्शन करेंगे। महाशिवरात्रि के दौरान नंदी हॉल से दर्शन व्यवस्था बंद रहेगी। वाहन स्मार्ट सिटी की पार्किंग मेें पार्क होंगे।

महाकाल मंदिर में अगले दो दिन की व्यवस्था

 शनिवार रात 12 बजे- दर्शनार्थियों की कतार लगना शुरू होगी।

सुबह 2.30 बजे पट खुलेंगे-महाकाल मंदिर की परंपरा के अनुसार, शनिवार रात (रविवार तड़के) 2.30 बजे पट खुलेंगे।

रविवार तड़के 4.30 बजे- भगवान पर जलधारा अर्पित करने के साथ दर्शन का सिलसिला शुरू होगा। इसके बाद भस्मार्ती के साथ ही दर्शन का सिलसिला शुरू होगा, जो रविवार 16 फरवरी की रात 11 बजे तक चलेगा।

महापूजा- रविवार रात 11 बजे से महानिशा काल की महापूजा शुरू होगी।

सेहरा-सोमवार तड़के 4 बजे भगवान के शीश पर सवा मन फल-फूलों से बना सेहरा सजाया जाएगा

सोमवार सुबह 5 से 10 बजे- भगवान के सेहरा के दिव्य दर्शन होंगे।

विशेष भस्मार्ती- सोमवार दोपहर 12 बजे साल में एक बार होने वाली विशेष भस्मार्ती होगी जिसके बाद महापर्व पूर्ण होगा।

बाहरी यात्रियों के लिए पार्किंग व्यवस्था

इंदौर मार्ग से आने वालों के लिए – प्रशांतिधाम, इंजीनियरिंग कॉलेज, इंपीरियल होटल के पास और हरिफाटक ओवरब्रिज के नीचे।

आगर, बडऩगर व नागदा मार्ग- राठौर तेली समाज की धर्मशाला, गुरुद्वारा, प्रस्तावित अस्पताल मैदान और कृषि उपार्जन केंद्र पार्किंग।

ट्रैफिक व पार्किंग पर गूगल मैप से नजर
यातायात पुलिस और तकनीकी टीम मिलकर गूगल मैप को नियंत्रित करेगी। यदि कोई रास्ता जाम है या पार्किंग फुल है तो वह रास्ता मैप पर दिखाई ही नहीं देगा, जिससे भीड़ एकत्रित नहीं होगी। यह प्रयोग महाशिवरात्रि पर पहली बार हो रहा है। इसके पहले न्यू ईयर पर भीड़ नियंत्रण के लिए यह तकनीक अपनाई जा चुकी है।

महाशिवरात्रि को देखते हुए रेलवे स्टेशन पर चैकिंग
रविवार को महाशिवरात्रि पर्व पर भगवान महाकाल के दर्शन के लिए शनिवार से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो गया है। पर्व के दौरान वीकेंड होने से श्रद्धालुओं की संख्या 10 लाख तक पहुंचने का अनुमान है। शनिवार सुबह रेलवे स्टेशन पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। ऐसे में जीआरपी के जवान भी मुस्तैद नजर आए। किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि ना हो और श्रद्धालुओं के साथ चोरी की घटनाएं ना हो, इसके लिए संदिग्धों की तलाशी ली गई। इस दौरान ट्रेनों में पहुंचकर यात्रियों का सामान की भी जांच की गई। एसआई बीएस कुशवाह ने बताया कि श्रद्धालुओं की संख्या में एकाएक बढ़ोत्तरी हुई है। सुरक्षा को देखते हुए चैकिंग की जा रही है।

ट्रैफिक और सिक्योरिटी का एक्शन प्लान… आज शाम 6 बजे से मोर्चा संभालेगी पुलिस, कई रास्तों पर नहीं जाएंगी गाडिय़ां

रविवार को महाशिवरात्रि पर्व को लेकर पुलिस द्वारा सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्थाओं को लेकर बनाया गया प्लान आज शाम 6 बजे से लागू होगा। गुरुवार को एसपी प्रदीप शर्मा ने स्वयं सुरक्षा, क्राउड मैनेजमेंट, ट्रैफिक, वीआईपी की आवाजाही सहित अन्य व्यवस्थाओं को लेकर बनाए गए एक्शन प्लान का खुलासा किया था।

प्लान के मुताबिक श्री महाकाल मंदिर परिसर और प्रमुख मार्गों पर लगभग 2 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसमें से 250 पुलिसकर्मी वीआईपी व्यवस्था संभालेंगे और 150 महिला पुलिसकर्मी महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए तैनात रहेंगी। इसके अलावा 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे, 5 ड्रोन कैमरे और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित निगरानी प्रणाली से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जाएगी।

दरअसल, महाशिवरात्रि महापर्व पर 15 और 16 फरवरी को भगवान महाकाल के दर्शन के लिए देशभर से 8 से 10 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। इसी के चलते इतने बड़े स्तर पर तैयारियां की गई हैं। 2 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी शनिवार शाम 6 बजे से 16 फरवरी को श्री महाकालेश्वर मंदिर के पट बंद होने तक ड्यूटी पर रहेंगे। इन दो दिनों में देशभर से करीब 1.50 वाहनों के आने का अनुमान है जिसे देखते हुए 250 ट्रैफिक पुलिसकर्मी की भी तैनाती रहेगी। अश्वरोही दल को भी तैनात रहेगा। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की जानकारी के लिए जगह-जगह बोर्ड भी लगाए गए हैं।

इन रास्तों पर प्रतिबंधित रहेंगे वाहन
हरिफाटक टी से महाकाल घाटी चौराहा की ओर वाहनों की एंट्री 14 फरवरी को शाम 4 बजे से पूरी तरह से बंद कर दी जाएगी। इसी तरह हरिफाटक टी से इंटरपिटीशन की ओर, जंतर-मंतर से जयसिंहपुरा, चारधाम पार्किंग की ओर, शंकराचार्य चौराहा से नृसिंह घाट की ओर, शंकराचार्य चौराहा से दानीगेट की ओर, भूखीमाता टर्निंग से नृसिंह घाट की ओर, दौलतगंज से लोहे का पुल की ओर, कंठाल चौराहा से छत्रीचौक की ओर, तेलीवाड़ा से कमरी मार्ग की ओर, दानीगेट से गणगौर दरवाजा हरसिद्धि पाल की ओर, केडी मेट से टंकी चौराहा की ओर और भार्गव तिराहे से कमरी मार्ग की ओर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

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