एमपी में फेसलेस रजिस्ट्री शुरू, अब घर बैठे कराएं दस्तावेज पंजीयन…

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आईजी पंजीयन कार्यालय से साइबर सब-रजिस्ट्रार दफ्तर की शुरुआत की
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मुख्यमंत्री बोले-गलतियां कम होंगी, ठप्पे और छापे का दौर गया
भोपाल। मध्यप्रदेश में अब प्रॉपर्टी और अन्य दस्तावेजों की रजिस्ट्री के लिए रजिस्ट्रार ऑफिस के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजधानी के आईजी पंजीयन कार्यालय से साइबर सब-रजिस्ट्रार दफ्तर की शुरुआत की है। फेसलेस और वर्चुअल प्रक्रिया के जरिए आधार, वीडियो केवाईसी और ई-साइन के माध्यम से घर बैठे दस्तावेज पंजीयन कराया जा सकेगा। पहले चरण में 75 प्रकार के दस्तावेज ऑनलाइन होंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुभारंभ करते हुए कहा कि दस्तावेजों का फेसलेस रजिस्ट्रेशन होने से गलतियों में कमी आएगी। लोग ठप्पे और छापे लगवाकर परेशान होते थे। अच्छी-खासी साइन करने वालों से भी अंगूठा लगवाया जाता था। नई पीढ़ी के लिए यह नया दौर शुरू होने जा रहा है। अभी तक 14.95 लाख दस्तावेजों की रजिस्ट्री हो चुकी है। अब नई तकनीक से व्यवस्था में और सुधार हो सकेगा। इस दफ्तर की शुरुआत सोमवार से हो गई है। उन्होंने आगे कहा कि जहां विकास की गुंजाइश है। वहां विकास काम पीएम नरेंद्र मोदी के निर्देशन में हो रहे हैं और इसमें पारदर्शिता भी रखी जा रही है। बैंक वाला बैंक में, पंजीयन वाला पंजीयन ऑफिस में और दस्तावेज रजिस्टर कराने वाले कहीं भी बैठकर अपने दस्तावेज को रजिस्टर करा सकेगा। पंजीयन के जरूरी काम साइबर पंजीयन के माध्यम से हो सकेंगे और जो आरोप लगते हैं, उससे बचने का मौका मिलेगा।
आधार, वीडियो और आईडी का मिलान जरूरी- फेसलेस रजिस्ट्री के लिए पक्षकारों को आधार नंबर देना अनिवार्य होगा। वर्चुअल प्रक्रिया के दौरान एआई सिस्टम के माध्यम से वीडियो रिकॉर्ड किया जाएगा, जिसमें पक्षकार को सिर दाएं-बाएं और ऊपर-नीचे घुमाने के निर्देश दिए जाएंगे। इसके बाद किसी एक पहचान पत्र- जैसे वोटर आईडी, पासपोर्ट, पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस की मांग की जाएगी। एआई सिस्टम वीडियो, आधार फोटो और आईडी के फोटो का मिलान करेगा।
ये दस्तावेज करा सकेंगे रजिस्टर्ड ्ररजिस्टर्ड लीज, पट्टा विलेख, प्रॉपर्टी एग्रीमेंट, प्रशासन बंध-पत्र, शपथ-पत्र, दत्तक ग्रहण से जुड़े दस्तावेज, बैंक गारंटी का नवीनीकरण, विक्रय प्रमाण-पत्र, वसीयत से जुड़े दस्तावेज, तलाक विलेख, क्षतिपूर्ति बंध पत्र, शेयर आवंटन पत्र सहित कई अन्य दस्तावेज फेसलेस तरीके से रजिस्टर्ड किए जा सकेंगे।
दबावमुक्त होने की घोषणा अनिवार्य- संपदा-2.0 सॉफ्टवेयर के जरिए मिलने वाली इस फेसलेस सुविधा में पक्षकारों को यह घोषणा करनी होगी कि वे किसी दबाव में नहीं हैं और अपनी स्वेच्छा से इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेजों के माध्यम से पंजीयन करा रहे हैं। इसके लिए पहले ई-केवाईसी और ई-साइन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
बजट सत्र शुरू : मोहन सरकार के विकास कार्यों को बताया…
भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की सोमवार से शुरुआत हो गई है। कार्यवाही के प्रारंभ में संपूर्ण छह छंदों में वंदे मातरम् का गायन हुआ, जिसके बाद राज्यपाल मंगु भाई पटेल ने अभिभाषण दिया। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष ने हंगामा किया, जिसके बाद कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यपाल मंगु भाई पटेल ने अपने संबोधन में सरकार की विकास उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं से आए बदलावों का उल्लेख किया। बजट सत्र ६ मार्च तक चलेगा।









