10 साल बाद पंच परमेश्वर का आगमन, कल मनेगी संतों की होली

उज्जैन। अवंतिका नगरी में सोमवार को एक बार फिर सिंहस्थ जैसा आध्यात्मिक उल्लास देखने को मिला। श्री पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़े के पंच परमेश्वर और देशभर से आए साधु-संतों का करीब 10 साल बाद नगर प्रवेश हुआ।
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धर्म प्रचार के संकल्प के साथ निकले संतों के इस काफिले ने 200 साल पुरानी गौरवशाली परंपरा को जीवंत कर दिया। पेशवाई की तर्ज पर निकले इस चल समारोह का शहरवासियों ने ढोल-धमाकों और पुष्पवर्षा के साथ आत्मीय स्वागत किया। नगर प्रवेश के साथ ही संतों ने आगामी सिंहस्थ को लेकर भी मंथन शुरू कर दिया है। बैठक में महापर्व को भव्य रूप देने के लिए विशेष रूपरेखा और योजनाओं पर चर्चा की गई। संतों ने होली का रंग संतों के संग कार्यक्रम में सहभागिता की और उज्जैन की धार्मिक व्यवस्थाओं की सराहना की। अखाड़े की परंपरा के अनुसार, 4 मार्च को श्री पंचायती बड़ा उदासीन अखाड़ा में सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक होली उत्सव मनाया जाएगा, जिसमें संत समाज और श्रद्धालु गुलाल व फूलों की होली खेलेंगे।
इन प्रमुख संतों का हुआ आगमन
नगर प्रवेश के दौरान श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन भ्रमणशील मंडल के शीर्ष संत शामिल रहे। इनमें मुख्य रूप से श्री महंत दुर्गादास, महंत अद्वैतानंद, महंत राम नौमी दास, सचिव हंस मुनि, महंत कोठारी सत्यानंद, मुकामी राम मुनि, मुकामी देवी दास एवं अन्य निर्वाण संत शामिल हैं।










