मुख्यमंत्री करीला धाम में रंगपंचमी मेला महोत्सव में हुए शामिल बोले

करीला धाम विकास की योजना बनाएंगे
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अक्षरविश्व न्यूजभोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अशोकनगर जिले का करीला धाम श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अदभुत संगम है। इस पावन स्थल पर माता सीता अपने दोनों पुत्र लव-कुश के साथ विराजमान हैं। यह देश का एक मात्र अद्वितीय मंदिर है, जहां माता सीता अपने दोनों पुत्रों के साथ पूजी जाती हैं। देश के अधिकांश मंदिर भगवान श्रीराम को समर्पित हैं। करीला धाम लव-कुश की जन्म-स्थली भी है, जो लव-कुश की बाल लीलाओं की साक्षी है। इस पवित्र स्थली के सम्पूर्ण विकास की योजना बनाई जायेगी।
सीएम रविवार को अशोकनगर जिले के करीलाधाम में रंगपंचमी मेला महोत्सव में श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। सीएम ने करीलाधाम में माता जानकी के दर्शन भी किए और जिले को 11 5 करोड़ रुपए लागत के 50 विकास कार्यों की सौगात भी दी। इसमें 57 करोड़ 3 लाख की लागत के 11 विकास कार्यों का लोकार्पण और 58 करोड़ 32 लाख की लागत के 39 विकास कार्यों का भूमि-पूजन शामिल है।
सीएम ने कहा कि माता सीता धैर्य, साहस और आत्म-सम्मान का प्रतीक हैं। जब हम नारी शक्ति की बात करते हैं तो माता सीता का ध्यान आता है। माता सीता ने यह संदेश दिया कि नारी का आत्म-सम्मान ही सबसे बड़ी शक्ति है। मध्यप्रदेश को मर्यादा पुरूषोत्तम श्रीराम का भी विशेष स्नेह मिला है। यहां चित्रकूट में उन्होंने वनवास काल के 11 वर्ष बिताए।









