कैबिनेट का बड़ा फैसला: ‘वंदे मातरम’ को मिला राष्ट्रगान जैसा दर्जा, अपमान पर सजा-जुर्माना

पश्चिम बंगाल चुनाव में जीत के बाद प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में हुई पहली कैबिनेट बैठक में ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। बैठक में Vande Mataram को राष्ट्रगान Jana Gana Mana के समान दर्जा देने का फैसला किया गया है।

कानून में बड़ा संशोधन
कैबिनेट ने “राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम” में संशोधन को मंजूरी दी है।
इस बदलाव के बाद वंदे मातरम पर वही कानूनी नियम लागू होंगे जो वर्तमान में राष्ट्रगान पर लागू हैं।
- जानबूझकर बाधा डालने या अपमान करने पर सजा का प्रावधान
- 3 साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों
- दोबारा अपराध पर कम से कम 1 साल की सजा
राष्ट्रगान जैसी कानूनी सुरक्षा
अब राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान के साथ-साथ वंदे मातरम को भी कानूनी संरक्षण मिलेगा। सरकार का कहना है कि इससे राष्ट्रीय गौरव को मजबूत किया जाएगा।
150वीं वर्षगांठ के बीच फैसला
यह निर्णय ऐसे समय आया है जब देश Vande Mataram की 150वीं वर्षगांठ मना रहा है। इससे पहले भी संसद में इस पर विशेष चर्चा हो चुकी है।
पहले भी उठ चुके हैं कदम
- 2005 में राष्ट्रीय ध्वज के अपमान पर कानून सख्त किया गया था
- पिछले साल संसद में वंदे मातरम पर विशेष चर्चा हुई
- गृह मंत्रालय ने इसके गायन को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए थे
राजनीतिक और सांस्कृतिक महत्व
कैबिनेट बैठक में कहा गया कि वंदे मातरम केवल एक गीत नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता और गौरव का प्रतीक है। इसे लेकर विभिन्न कार्यक्रमों और जनभागीदारी अभियानों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।यह फैसला आने वाले समय में राजनीतिक और सांस्कृतिक दोनों स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिससे राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान को और मजबूत करने की कोशिश की गई है।









