मैथिली ठाकुर बिखेरेंगी सुरों का जादू, सीएम अर्पित करेंगे 300 फीट लंबी चुनरी

उज्जैन। मोक्षदायिनी मां शिप्रा के पावन तट पर 26 मई को आस्था, संस्कृति और देशभक्ति का एक अनूठा त्रिवेणी संगम देखने को मिलेगा। गंगा दशमी महोत्सव में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं उपस्थित होकर मां शिप्रा को 300 फीट लंबी चुनरी अर्पित करेंगे। सुप्रसिद्ध भक्ति गायिका मैथिली ठाकुर अपनी मधुर आवाज से रामघाट को गुंजायमान करेंगी, जबकि भारतीय नौसेना का बैंड इस धार्मिक उत्सव को राष्ट्रीय गौरव की विशेष गरिमा प्रदान करेगा।
आयोजन महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ (संस्कृति विभाग, मध्यप्रदेश शासन) द्वारा शिप्रा लोक संस्कृति समिति, श्री रामघाट तीर्थ पुरोहित सभा और जिला प्रशासन के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है। महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने बताया कि इस विशाल आयोजन का मुख्य उद्देश्य केवल धार्मिक उत्सव मनाना नहीं, बल्कि जन-जन को मोक्षदायिनी शिप्रा नदी के संरक्षण, स्वच्छता और संवर्धन के प्रति जागरूक करना है।
शिप्रा तीर्थ परिक्रमा इन पड़ावों से गुजरेगी
शिप्रा लोक संस्कृति समिति के सचिव नरेश शर्मा ने बताया कि उत्सव के हिस्से के रूप में 25 और 26 मई को शिप्रा तीर्थ परिक्रमा यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा रामघाट से प्रारंभ होकर नृसिंह घाट, कर्कराज मंदिर, वेधशाला, महामृत्युंजय द्वार, प्रशांतिधाम, दत्त अखाड़ा, रणजीत हनुमान मंदिर, भैरवगढ़ सिद्धवट, मंगलनाथ मंदिर, सांदीपनि आश्रम, गढ़कालिका मंदिर और गोपाल मंदिर होते हुए पुन: रामघाट पर समाप्त होगी।
26 मई की शाम दिग्गज सुर और स्वर का अनोखा संगम
महोत्सव के मुख्य दिन यानी 26 मई को शाम 5 बजे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मां शिप्रा का पूजन कर 300 फीट की चुनरी अर्पित करेंगे। इसके बाद गायिका मैथिली ठाकुर के भजन और लोक गीतों की प्रस्तुति देंगी। भारतीय नौसेना का बैंड अपनी देशभक्ति और सुरीली धुनों से समां बांधेगा।
25 को दत्त अखाड़ा में भजन संध्या: 25 मई को शाम 6 बजे दत्त अखाड़ा घाट पर इंदौर के कलाकार श्रेयश शुक्ला और जबलपुर की प्रसिद्ध लोक गायिका संजो बघेल एवं साथी भजन संध्या प्रस्तुत करेंगे।









