तेज धूप से झुलस रही स्किन? घर का सनस्क्रीन देगा राहत

गर्मियों में तेज धूप और यूवी किरणों का असर सबसे पहले त्वचा पर दिखाई देता है। लंबे समय तक धूप में रहने से स्किन टैन होना, सनबर्न, रूखापन और समय से पहले झुर्रियां जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं। यही वजह है कि लोग धूप से बचने के लिए सनस्क्रीन का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि बाजार में मिलने वाले कई सनस्क्रीन प्रोडक्ट्स में केमिकल्स और आर्टिफिशियल फ्रेग्नेंस मौजूद होते हैं, जो संवेदनशील त्वचा वाले लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकते हैं।
इसी कारण अब कई लोग नेचुरल और घर पर तैयार किए गए सनस्क्रीन को पसंद करने लगे हैं। घरेलू चीजों से बना सनस्क्रीन त्वचा को मॉइस्चराइज रखने में मदद कर सकता है और हल्की धूप के असर को कम करने में भी सहायक माना जाता है। हालांकि एक्सपर्ट्स इसे मेडिकल ग्रेड सनस्क्रीन का पूरी तरह विकल्प नहीं मानते, लेकिन रोजमर्रा के स्किन केयर रूटीन में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
घर पर ऐसे तैयार करें नेचुरल सनस्क्रीन
अगर आप केमिकल फ्री स्किन केयर पसंद करते हैं, तो कुछ आसान चीजों की मदद से घर पर सनस्क्रीन तैयार किया जा सकता है।
इन चीजों की पड़ेगी जरूरत
- नारियल तेल
- एलोवेरा जेल
- शीया बटर
- जिंक ऑक्साइड
एलोवेरा त्वचा को ठंडक पहुंचाने में मदद कर सकता है, जबकि नारियल तेल स्किन को नरम और मॉइस्चराइज रखने में सहायक माना जाता है।
बनाने का तरीका
सबसे पहले शीया बटर और नारियल तेल को हल्का गर्म करके पिघला लें। इसके बाद इसमें एलोवेरा जेल डालकर अच्छी तरह मिलाएं। आखिर में थोड़ा जिंक ऑक्साइड मिलाकर पूरे मिश्रण को अच्छे से तैयार करें। जब यह मिश्रण ठंडा हो जाए, तब इसे किसी साफ कंटेनर में भरकर रख लें।
इस्तेमाल करने का सही तरीका
घर से बाहर निकलने से करीब 15 से 20 मिनट पहले इसे चेहरे, गर्दन और हाथों पर लगाया जा सकता है। अगर ज्यादा पसीना आए या चेहरा धोया जाए, तो इसे दोबारा लगाना बेहतर माना जाता है।
इस्तेमाल से पहले रखें ये सावधानी
हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है, इसलिए किसी भी होममेड प्रोडक्ट को लगाने से पहले पैच टेस्ट करना जरूरी माना जाता है। अगर इसे लगाने के बाद स्किन पर जलन, खुजली या लालपन महसूस हो, तो तुरंत इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए।
तेज धूप में सिर्फ सनस्क्रीन काफी नहीं
घर पर बने नेचुरल सनस्क्रीन की SPF क्षमता सीमित हो सकती है। ऐसे में बहुत तेज धूप या लंबे समय तक बाहर रहने की स्थिति में अतिरिक्त सावधानी जरूरी होती है। धूप से बचाव के लिए टोपी, सनग्लासेस और फुल स्लीव कपड़ों का इस्तेमाल भी करना चाहिए।









