परम एकादशी पर गुरुवार विष्णु पूजा, सर्वार्थ सिद्धि योग; पंचक-पंचांग से जानें मुहूर्त, राहुकाल और दिशाशूल

ज्येष्ठ अधिकमास के कृष्ण पक्ष की परम एकादशी आज मनाई जा रही है। यह दिन भगवान विष्णु की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। आज गुरुवार का दिन भी है, इसलिए विष्णु पूजा के साथ देवगुरु बृहस्पति की उपासना का भी विशेष महत्व है। पंचांग के अनुसार आज पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संयोग बना हुआ है, जबकि पंचक सुबह 08:16 बजे समाप्त हो जाएगा। चंद्रमा सुबह तक मीन राशि में रहेंगे और उसके बाद मेष राशि में प्रवेश करेंगे।
परम एकादशी व्रत की पूजा विधि
प्रातःकाल स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं को परम एकादशी व्रत का संकल्प लेना चाहिए। इसके पश्चात भगवान विष्णु की विधिवत पूजा करें। पूजा में पंचामृत, पीले पुष्प, तुलसी दल, धूप, दीपक, अक्षत, फल और नैवेद्य अर्पित करना शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान परम एकादशी व्रत कथा का श्रवण करें और भगवान की आरती उतारें।
उपवास और रात्रि जागरण का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार परम एकादशी के दिन श्रद्धालुओं को दिनभर उपवास रखना चाहिए। रात्रि में भगवान विष्णु के भजन-कीर्तन और जागरण का भी विशेष महत्व बताया गया है। अगले दिन द्वादशी तिथि में सूर्योदय के बाद पारण करके व्रत का समापन किया जाता है।
पारण का शुभ समय
परम एकादशी व्रत का पारण 12 जून को सूर्योदय के बाद किया जाएगा। पारण का शुभ समय प्रातः 05:23 बजे से 08:10 बजे तक रहेगा। इस अवधि में विधिपूर्वक व्रत खोलना उत्तम माना गया है।
गुरुवार व्रत का महत्व
आज गुरुवार होने के कारण भगवान विष्णु के साथ केले के पौधे और देवगुरु बृहस्पति की पूजा भी की जाती है। मान्यता है कि इस व्रत से कुंडली में गुरु ग्रह से जुड़े दोषों का प्रभाव कम होता है। इसके अलावा विवाह में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं, दांपत्य जीवन में सुख बढ़ता है और शिक्षा के क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है।
दान-पुण्य का विशेष महत्व
गुरुवार के दिन पीली वस्तुओं का दान विशेष फलदायी माना गया है। इस दिन हल्दी, चने की दाल, गुड़ तथा पीले रंग के वस्त्र जरूरतमंदों को दान करने चाहिए। माथे पर केसर का तिलक लगाना भी शुभ माना गया है। साथ ही गुरुजनों और घर के बुजुर्गों का आशीर्वाद लेना लाभकारी माना जाता है।
आज का पंचांग : 11 जून 2026
तिथि
आज एकादशी तिथि रात्रि 10:36 बजे तक रहेगी। इसके बाद द्वादशी तिथि प्रारंभ होगी।
नक्षत्र
रेवती नक्षत्र सुबह 08:16 बजे तक रहेगा। इसके पश्चात अश्विनी नक्षत्र का आरंभ होगा।
करण
बव करण सुबह 11:52 बजे तक रहेगा। इसके बाद बालव करण रात्रि 10:36 बजे तक रहेगा तथा फिर कौलव करण शुरू होगा।
योग
शोभन योग देर रात 01:00 बजे (12 जून) तक रहेगा। इसके बाद अतिगंड योग प्रारंभ होगा।
पक्ष और वार
आज ज्येष्ठ अधिकमास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि और गुरुवार का दिन है।
चंद्र राशि
चंद्रमा सुबह 08:16 बजे तक मीन राशि में रहेंगे। इसके बाद उनका गोचर मेष राशि में होगा।
सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय और चंद्रास्त
सूर्योदय का समय प्रातः 05:23 बजे है, जबकि सूर्यास्त शाम 07:19 बजे होगा। चंद्रमा का उदय 12 जून को रात्रि 02:31 बजे तथा चंद्रास्त दोपहर 03:10 बजे होगा।
आज के शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त
प्रातः 04:02 बजे से 04:42 बजे तक।
सर्वार्थ सिद्धि योग
आज पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का प्रभाव रहेगा।
अभिजीत मुहूर्त
दोपहर 11:53 बजे से 12:49 बजे तक।
विजय मुहूर्त
दोपहर 02:40 बजे से 03:36 बजे तक।
निशिता मुहूर्त
12 जून को रात्रि 12:01 बजे से 12:41 बजे तक।
दिन के शुभ चौघड़िया
शुभ-उत्तम: सुबह 05:23 बजे से 07:07 बजे तक।
चर-सामान्य: सुबह 10:36 बजे से दोपहर 12:21 बजे तक।
लाभ-उन्नति: दोपहर 12:21 बजे से 02:05 बजे तक।
अमृत-सर्वोत्तम: दोपहर 02:05 बजे से 03:50 बजे तक।
शुभ-उत्तम: शाम 05:34 बजे से 07:19 बजे तक।
रात्रि के शुभ चौघड़िया
अमृत-सर्वोत्तम: शाम 05:34 बजे से 07:19 बजे तक।
चर-सामान्य: रात्रि 08:34 बजे से 09:50 बजे तक।
लाभ-उन्नति: 12 जून को रात्रि 12:21 बजे से 01:36 बजे तक।
शुभ-उत्तम: 12 जून को रात्रि 02:52 बजे से 04:07 बजे तक।
अमृत-सर्वोत्तम: 12 जून को प्रातः 04:07 बजे से 05:23 बजे तक।
आज के अशुभ समय
यमगण्ड काल सुबह 05:23 बजे से 07:07 बजे तक रहेगा। पंचक सुबह 08:16 बजे तक प्रभावी रहेगा। गुलिक काल सुबह 08:52 बजे से 10:36 बजे तक रहेगा। दुर्मुहूर्त सुबह 10:01 बजे से 10:57 बजे तक तथा दोपहर 03:36 बजे से 04:32 बजे तक रहेगा। राहुकाल दोपहर 02:05 बजे से 03:50 बजे तक रहेगा। आज दक्षिण दिशा में दिशाशूल रहेगा।
शिववास
आज रात्रि 10:36 बजे तक भगवान शिव का वास कैलाश पर माना गया है। इसके बाद शिववास नंदी पर रहेगा।









