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चेहरे पर अचानक पिंपल आने के पीछे कई कारण होते हैं

ज्यादातर लोगों के मन में यह गलतफहमी होती है कि पिंपल्स सिर्फ टीनेजर्स को होते हैं या फिर केवल उन्हीं लोगों को परेशान करते हैं जिनकी स्किन टाइप पहले से ही ऐक्ने प्रोन होती है। हकीकत इससे बिल्कुल अलग है; कई बार बिना किसी पुरानी शिकायत के भी रातों-रात चेहरा पिंपल्स से भर जाता है, जिसके पीछे बदलता पॉल्यूशन, हॉर्मोनल इम्बैलेंस और खान-पान की गलत आदतें जिम्मेदार होती हैं। अगर आपकी त्वचा अमूमन साफ-सुथरी रहती है और पिंपल्स की कोई हिस्ट्री नहीं है, तो एक सुबह अचानक चेहरे पर उभरा हुआ दाना आपको पूरी तरह हैरान कर सकता है।

 

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सुबह-सुबह अचानक पिंपल दिखने का सीधा मतलब है कि रात के वक्त सोते समय शरीर के अंदरूनी सिस्टम में कुछ ऐसा बदलाव हुआ है, जिसने त्वचा पर ब्रेकआउट का रूप ले लिया। इसके अलावा कुछ बाहरी फैक्टर्स भी इसके लिए जिम्मेदार होते हैं। अपनी त्वचा पर सही ट्रीटमेंट शुरू करने के लिए इसके पीछे के सटीक कारण को समझना सबसे ज्यादा जरूरी है।

आखिर क्यों बिन बुलाए मेहमान की तरह आते हैं पिंपल्स?

तकनीकी तौर पर समझें तो पिंपल्स तब निकलते हैं जब हमारी त्वचा के हेयर फॉलिकल्स (रोमकूप) अत्यधिक सीबम (ऑयल), डेड स्किन सेल्स और बैक्टीरिया के जमा होने के कारण पूरी तरह ब्लॉक हो जाते हैं। इस ब्लॉकेज की वजह से त्वचा के अंदरूनी हिस्से में इंफ्लेमेशन यानी सूजन और रेडनेस होने लगती है, जो आगे चलकर व्हाइटहेड्स, ब्लैकहेड्स, पैप्यूल्स, पुस्ट्यूल्स या फिर दर्दनाक गांठों का रूप ले लेती है। चेहरे पर ऐसी स्थिति पैदा करने के लिए हमारे शरीर के भीतर होने वाले आंतरिक बदलाव और बाहरी वातावरण, दोनों ही समान रूप से जिम्मेदार होते हैं, जिन्हें विस्तार से समझना जरूरी है:

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  • हॉर्मोनल असंतुलन: चेहरे पर ऐक्ने या पिंपल्स आने का यह सबसे बड़ा और प्राथमिक कारण माना जाता है। शरीर में मौजूद एंड्रोजन हॉर्मोन सीधे तौर पर सिबेशियस ग्लैंड्स को ट्रिगर करता है, जिससे त्वचा में जरूरत से ज्यादा सीबम या ऑयल बनने लगता है। यह हॉर्मोन जैसे-जैसे बढ़ता है, वैसे-वैसे पोर्स ब्लॉक होने की रफ्तार तेज हो जाती है। यह पूरी प्रक्रिया प्यूबर्टी (किशोरावस्था), महिलाओं में पीरियड्स के दिनों और प्रेग्नेंसी के दौरान बहुत ज्यादा एक्टिव होती है। इसके अलावा, पीसीओएस (PCOS) जैसी हॉर्मोनल बीमारियों से जूझ रही महिलाओं को भी अक्सर इस समस्या का सामना करना पड़ता है।

  • अत्यधिक तनाव: जब इंसान बहुत ज्यादा मेंटल स्ट्रेस या तनाव से गुजरता है, तो शरीर के भीतर कॉर्टिसॉल समेत कई अन्य स्ट्रेस हॉर्मोन्स का लेवल अचानक बढ़ जाता है। ये हॉर्मोन सीधे त्वचा में ऑयल के प्रोडक्शन को बूस्ट कर देते हैं, जिससे स्किन में इंफ्लेमेशन बढ़ती है और अचानक पिंपल्स उभर आते हैं। ऐसा अक्सर वर्क प्रेशर, एग्जाम के डर, लंबी यात्रा या अधूरी नींद के कारण देखने को मिलता है।

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  • गलत स्किन केयर रूटीन: अगर आप अपनी स्किन टाइप और उसकी जरूरतों को समझे बिना कोई भी रैंडम स्किन केयर प्रोडक्ट इस्तेमाल करते हैं, तो भी अचानक ब्रेकआउट्स शुरू हो सकते हैं। बहुत ज्यादा हेवी क्रीम, ऑयल-बेस्ड कॉस्मेटिक्स और पोर्स को बंद करने वाले (कोमेडोजीनिक) प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल रातों-रात चेहरे का लुक बिगाड़ सकता है। इसके अलावा, बार-बार गंदे हाथों से चेहरे को छूने से हाथों के बैक्टीरिया स्किन पर ट्रांसफर हो जाते हैं और पिंपल्स का कारण बनते हैं।

  • असंतुलित खान-पान: आप जो कुछ भी खाते हैं, उसका सीधा असर आपकी त्वचा की चमक पर दिखाई देता है। डाइट में बहुत ज्यादा रिफाइंड शुगर, मीठे ड्रिंक्स, प्रोसेस्ड फूड और हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली चीजें शामिल करने से पिंपल्स का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। असल में ऐसा खाना शरीर में इंसुलिन के स्तर को तेजी से फ्लक्चुएट करता है, जिससे हॉर्मोन्स का बैलेंस बिगड़ता है और त्वचा बहुत ज्यादा तैलीय हो जाती है।

  • बाहरी वातावरण के फैक्टर्स: अचानक आने वाले इन दानों के पीछे हमारे आसपास का माहौल भी बड़ा रोल निभाता है। हवा में मौजूद हैवी प्रदूषण, बहुत ज्यादा उमस (ह्यूमिडिटी) वाला मौसम या फिर चेहरे पर बहुत लंबे समय तक टाइट फेस मास्क लगाए रखने की वजह से त्वचा की ऊपरी सतह पर गंदगी, पसीना और बैक्टीरिया ट्रैप हो जाते हैं, जो पिंपल्स को दावत देते हैं।

पिंपल्स को हाथों से दबाने की गलती पड़ सकती है बेहद भारी

जब सुबह उठकर अचानक चेहरे पर पिंपल दिखता है, तो ज्यादातर लोग घबरा जाते हैं और उसे तुरंत हटाने या छुपाने के चक्कर में तरह-तरह के घरेलू टोटके आजमाने लगते हैं। लेकिन वे इस बात से पूरी तरह अनजान होते हैं कि उनकी यही जल्दबाजी पिंपल को ठीक करने के बजाय स्थिति को और ज्यादा बदतर बना देगी। आइए जानते हैं उन आम गलतियों के बारे में, जिनसे ऐक्ने की समस्या और गंभीर हो जाती है:

  • बार-बार चेहरा धोना: कई लोग चेहरे का ऑयल सुखाने के लिए दिन में कई बार फेसवॉश करते हैं। ऐसा करने से त्वचा का नेचुरल मॉइस्चर बैरियर पूरी तरह डैमेज हो जाता है, जिससे स्किन में इरीटेशन होने लगती है। इसका उल्टा असर यह होता है कि रूखेपन से बचने के लिए त्वचा और ज्यादा मात्रा में ऑयल बनाने लगती है, जिससे पिंपल्स बढ़ जाते हैं। इसलिए डॉक्टरों के मुताबिक, दिन में सिर्फ दो बार ही सौम्य फेसवॉश का इस्तेमाल करना चाहिए।

  • हार्ड स्क्रब या एक्सफोलिएटर का इस्तेमाल: चेहरे पर पिंपल होने के बावजूद कठोर दानों वाले स्क्रब का इस्तेमाल करने या बहुत देर तक स्किन को रगड़ने से त्वचा की अंदरूनी परत में भारी इंफ्लेमेशन हो जाती है। इससे पूरा चेहरा लाल पड़ जाता है और डिफेंस मैकेनिज्म के तहत त्वचा ज्यादा ऑयल प्रोड्यूस करने लगती है, जिससे ऐक्ने का साइज बड़ा हो जाता है।

  • एक साथ कई एंटी-ऐक्ने प्रोडक्ट्स लगाना: पिंपल को जल्दी सुखाने की चाहत में लोग एक ही बार में पिंपल क्लियर करने वाली कई तरह की क्रीम्स, सीरम और लोशन चेहरे पर थोप लेते हैं। यह ओवर-ट्रीटमेंट त्वचा के सुरक्षा कवच को पूरी तरह तबाह कर देता है, जिससे स्किन में भयंकर ड्राईनेस, पीलिंग (त्वचा का निकलना) और सेंसिटिविटी की समस्या शुरू हो जाती है।

  • मेकअप हटाए बिना सो जाना: देर रात पार्टी या काम से लौटने के बाद बिना मेकअप साफ किए सो जाना अचानक पिंपल्स आने की सबसे बड़ी वजहों में से एक है। रात भर चेहरे पर मेकअप की परत सजे रहने से पोर्स पूरी तरह चोक हो जाते हैं और त्वचा खुलकर सांस नहीं ले पाती। दिन भर का प्रदूषण, पसीना और कॉस्मेटिक्स मिलकर बैक्टीरिया के लिए एक परफेक्ट ब्रीडिंग ग्राउंड तैयार कर देते हैं, जिससे सुबह उठते ही चेहरे पर बड़े-बड़े ब्रेकआउट्स नजर आते हैं। इसलिए सोने से पहले डबल क्लींजिंग बेहद जरूरी है।

  • पिंपल को नोचना या पॉप करना: यह सबसे आम और खतरनाक आदत है। जब आप किसी पिंपल को अपनी उंगलियों या नाखूनों से दबाकर फोड़ने की कोशिश करते हैं, तो उसके अंदर मौजूद पस और इंफेक्शन वाले बैक्टीरिया त्वचा के और ज्यादा गहरे हिस्सों में चले जाते हैं। इससे न सिर्फ आसपास की जगह पर नए पिंपल्स निकलने लगते हैं, बल्कि इंफ्लेमेशन बढ़ने से वहां पर परमानेंट डार्क स्पॉट्स, पिग्मेंटेशन या गहरे गड्ढे (ऐक्ने स्कार्स) बन जाते हैं, जो लंबे समय तक नहीं जाते।

बेदाग और पिंपल फ्री स्किन पाने के लिए बेस्ट डेली रूटीन

अगर आप अपनी त्वचा को हमेशा के लिए पिंपल्स और दाग-धब्बों से दूर रखना चाहते हैं, तो कभी-कभार कोई महंगा फेशियल या ट्रीटमेंट लेने के बजाय अपने डेली स्किन केयर रूटीन को अनुशासित और सही रखना सबसे बेहतरीन तरीका है।

  • स्किन केयर को रखें सिंपल: हमेशा अपनी स्किन टाइप को ध्यान में रखकर एक जेंटल और सल्फेट-फ्री क्लींजर चुनें और उससे दिन में केवल दो बार चेहरा साफ करें। इसके बाद, चेहरे पर एक लाइटवेट और ‘नॉन-कोमेडोजीनिक’ मॉइस्चरचाइजर जरूर लगाएं, जो आपके पोर्स को बंद किए बिना स्किन को हाइड्रेट रखे। सबसे आखिरी और जरूरी स्टेप है कि घर से बाहर निकलने से पहले एसपीएफ 30 या उससे ज्यादा रेटिंग वाली ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन जरूर लगाएं, क्योंकि धूप की हानिकारक यूवी किरणें पिंपल्स की सूजन को और ज्यादा बढ़ा सकती हैं।

  • हाईजीन और साफ-सफाई का रखें विशेष ध्यान: अपने हाथों को बार-बार चेहरे पर ले जाने की आदत को पूरी तरह सुधारें, क्योंकि हाथों पर जमी अदृश्य गंदगी चेहरे की स्किन को इन्फेक्टेड कर सकती है। इसके साथ ही, हफ्ते में कम से कम दो बार अपने तकिए के गिलाफ (पिलो कवर) को बदलें, अपने मोबाइल फोन की स्क्रीन को नियमित रूप से सैनिटाइज करें और अपने मेकअप ब्रश व स्पंज को इस्तेमाल के बाद अच्छे से क्लीन और स्टेरेलाइज करके ही रखें ताकि बैक्टीरिया के पनपने का कोई चांस न रहे।

  • प्रोडक्ट्स चुनते समय रखें सावधानी: अगर आपकी स्किन पर अक्सर छोटे-मोटे दाने निकलते रहते हैं, तो आपको अपने स्किन केयर प्रोडक्ट्स में टी-ट्री ऑयल, सैलिसिलिक एसिड या नीम के अर्क (एक्सट्रैक्ट्स) जैसे एंटी-बैक्टीरियल तत्वों को प्राथमिकता देनी चाहिए। ये चीजें त्वचा की सूजन और लालिमा को काफी हद तक कम करने में मदद करती हैं। हालांकि, चेहरे पर सीधे इस्तेमाल करने से पहले कान के पीछे या हाथ पर एक छोटा सा पैच टेस्ट जरूर कर लें ताकि एलर्जी या रिएक्शन का पता चल सके।

  • लाइफस्टाइल में करें ये जरूरी बदलाव: एक हेल्दी और अनुशासित जीवनशैली सीधे तौर पर आपकी स्किन को ग्लोइंग बनाती है। अपने रूटीन में रोजाना कम से कम 20-30 मिनट का वर्कआउट या एक्सरसाइज शामिल करें, जिससे शरीर का ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं। हर रात 7 से 8 घंटे की गहरी और सुकून भरी नींद लें, क्योंकि सोते समय ही हमारी स्किन खुद को अंदर से रिपेयर करती है और हॉर्मोन्स बैलेंस रहते हैं। मानसिक तनाव को दूर करने के लिए योग और मेडिटेशन का सहारा लें। दिन भर में भरपूर पानी पीकर खुद को हाइड्रेटेड रखें और डाइट में ताजे फल, हरी सब्जियां, लीन प्रोटीन और साबुत अनाज को शामिल करें, जबकि पैकेटबंद प्रोसेस्ड फूड और ज्यादा मीठी चीजों से पूरी तरह दूरी बना लें।

कब बिना देर किए सीधे डर्मेटोलॉजिस्ट से मिलना चाहिए?

आमतौर पर कभी-कभार एक-दो पिंपल्स का आना बहुत सामान्य बात है, जो सही देखभाल और घरेलू सावधानियों से कुछ ही दिनों में अपने आप ठीक हो जाते हैं। लेकिन अगर आपके चेहरे पर ऐक्ने की समस्या लगातार कई महीनों से बनी हुई है, पिंपल्स ठीक होने के तुरंत बाद और ज्यादा संख्या में लौट रहे हैं, या फिर चेहरे पर बहुत ज्यादा गहरे, सिस्टिक (गांठ वाले) और तेज दर्द वाले दाने उभर रहे हैं, तो आपको बिना किसी घरेलू नुस्खे में वक्त गंवाए तुरंत एक क्वालिफाइड डर्मेटोलॉजिस्ट (त्वचा रोग विशेषज्ञ) से संपर्क करना चाहिए।

डॉक्टर आपकी त्वचा की स्थिति और हॉर्मोनल लेवल की जांच करके आपको सही मेडिकेटेड ऑइंटमेंट्स, ओरल मेडिसिन, हॉर्मोनल थेरेपी या एडवांस स्किन ट्रीटमेंट्स का सुझाव दे सकते हैं, जिससे समस्या जड़ से खत्म हो सके।

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