सनस्क्रीन घर के अंदर भी लगानी चाहिए या नहीं?

सूरज की यूवी किरणों से बचने के लिए सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना जरूरी है। इसलिए ज्यादातर लोग मानते हैं कि सनस्क्रीन का इस्तेमाल केवल तभी करना चाहिए जब हम तेज धूप में बाहर जा रहे हों, लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है।
क्या आपने कभी सोचा है कि घर की चारदीवारी में रहते हुए भी आपकी स्किन पर टैनिंग, हाइपरपिग्मेंटेशन या फाइन लाइन्स क्यों नजर आने लगते हैं? इसका जवाब हो सकता है घर के अंदर सनस्क्रीन का इस्तेमाल न करना।
आमतौर पर लोग यह मानते हैं कि सनस्क्रीन का इस्तेमाल (Sunscreen Use) केवल तब करना चाहिए जब हम तेज धूप में बाहर निकलते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है। त्वचा को सुरक्षित रखने के लिए घर के अंदर भी सनस्क्रीन लगाना जरूरी माना जाता है।
खिड़कियों से भी पहुंचती हैं UV किरणें
सूरज की किरणें मुख्य रूप से दो प्रकार की होती हैं यूवीए और यूवीबी। दोनों ही त्वचा पर अलग-अलग तरह से प्रभाव डालती हैं।
यूवीबी किरणें त्वचा पर सनबर्न का कारण बनती हैं, लेकिन यह कांच को पार नहीं कर पातीं। यही वजह है कि घर के अंदर आमतौर पर सनबर्न की समस्या नहीं होती।
इसके विपरीत यूवीए किरणें ज्यादा खतरनाक मानी जाती हैं, क्योंकि ये बादलों और खिड़की के कांच को आसानी से पार कर सकती हैं। ये किरणें त्वचा की गहराई तक पहुंचती हैं और कोलेजन को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
अगर आप घर में ऐसी जगह बैठते हैं जहां खिड़की से धूप या रोशनी आती है, तो आपकी त्वचा लगातार यूवीए किरणों के संपर्क में रहती है। लंबे समय तक ऐसा होने से चेहरे पर काले धब्बे, झुर्रियां और समय से पहले एजिंग की समस्या हो सकती है।
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घर पर UV किरणें – जो आप नहीं देख पाते वह भी आपको नुकसान पहुंचा सकती हैं
प्राकृतिक सूर्य की रोशनी ही एकमात्र चिंता नहीं है। हम में से ज़्यादातर लोग डिजिटल स्क्रीन-लैपटॉप, फ़ोन और टेलीविज़न के सामने घंटों बिताते हैं। ये डिवाइस नीली रोशनी उत्सर्जित करती हैं, जिसके बारे में अध्ययनों से पता चलता है कि इससे त्वचा की उम्र बढ़ने, सुस्ती और यहाँ तक कि सूजन भी हो सकती है।
यही कारण है कि स्क्रीन लाइट के लिए सनस्क्रीन पहले से कहीं ज़्यादा प्रासंगिक है। अगर आप घर के अंदर लंबे समय तक रहते हैं, खास तौर पर स्क्रीन या खिड़कियों के पास, तो घर के अंदर सनस्क्रीन लगाने से यूवी किरणों और नीली रोशनी दोनों से होने वाले नुकसान के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है।
घर के अंदर सनस्क्रीन लगाने के फायदे
घर पर सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना आपकी त्वचा को नुकसान और समय से पहले बूढ़ा होने से बचाने का एक आसान और प्रभावी तरीका है। यहाँ कुछ कारण दिए गए हैं कि इसे आपकी रोज़ाना की त्वचा की देखभाल का हिस्सा क्यों होना चाहिए:
समय से पहले त्वचा की उम्र बढ़ने से रोकता है
यूवीए किरणें और नीली रोशनी उम्र बढ़ने के लक्षणों जैसे महीन रेखाएं, झुर्रियां और ढीली त्वचा को बढ़ा सकती हैं।
हाइपरपिग्मेंटेशन और असमान त्वचा टोन के जोखिम को कम करता है
एसपीएफ का लगातार उपयोग काले धब्बों और त्वचा के रंग को नियंत्रित करने में मदद करता है।
घर पर नियमित रूप से एसपीएफ लगाने से त्वचा कैंसर और सूर्य से उत्पन्न बीमारियों का खतरा कम हो जाता है।
त्वचा की बाधा कार्य को बनाए रखता है
सनस्क्रीन त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षात्मक परत को सहारा देता है, तथा उसे स्वस्थ और हाइड्रेटेड रखता है।
घर के लिए सही सनस्क्रीन ऐसे चुनें
घर के अंदर इस्तेमाल के लिए बहुत भारी या चिपचिपी सनस्क्रीन लगाने की जरूरत नहीं होती। सही सनस्क्रीन चुनते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।
- सबसे पहले यह देखना जरूरी है कि सनस्क्रीन ब्रॉड स्पेक्ट्रम हो, यानी वह यूवीए और यूवीबी दोनों प्रकार की किरणों से सुरक्षा प्रदान करे।
- इसके अलावा जेल या लोशन बेस्ड लाइटवेट फॉर्मूला घर के अंदर इस्तेमाल के लिए बेहतर माना जाता है, क्योंकि यह त्वचा पर हल्का महसूस होता है।
- विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि घर में रहते हुए भी कम से कम SPF 30 वाली सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना चाहिए ताकि त्वचा को बेहतर सुरक्षा मिल सके।









