श्रावण महोत्सव : देशभर के 350 से अधिक कलाकार सुर-ताल का हुनर दिखाने को आतुर

30 जुलाई से 7 सितंबर तक हर शनिवार त्रिवेणी संग्रहालय में सजेगी सांस्कृतिक शाम

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। श्री महाकालेश्वर के आंगन में होने वाले 21वें अखिल भारतीय श्रावण महोत्सव को लेकर देशभर के कलाकारों में भारी उत्साह है। 30 जुलाई से 7 सितंबर तक आयोजित होने वाले इस प्रतिष्ठित महोत्सव में अपनी कला का प्रदर्शन करने के लिए देश के कोने-कोने से 350 से अधिक दिग्गज कलाकारों ने अपनी प्रविष्टियां भेजी हैं। हर बार की तरह इस वर्ष भी सुर, ताल और नृत्य का यह भव्य समागम श्री महाकाल महालोक के नंदी द्वार के समीप स्थित त्रिवेणी संग्रहालय के आलीशान सभागार में आयोजित किया जाएगा।
वेबसाइट पर उमड़े आवेदन, चयन के लिए बनी विशेष समिति
महाकाल मंदिर सहायक प्रशासक आशीष फलवाडिय़ा ने बताया कि मंदिर प्रबंध समिति ने श्रावण महोत्सव में प्रस्तुति देने के इच्छुक कलाकारों से आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन आमंत्रित किए थे। 27 मई से 10 जून की शाम 6 बजे तक खुली इस प्रक्रिया में स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ देश के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त फनकारों ने बढ़-चढ़कर दावेदारी पेश की है। आवेदनों की बड़ी संख्या को देखते हुए मंदिर समिति ने कलाकारों के निष्पक्ष चयन के लिए एक विशेष समिति का गठन कर दिया है। जो आवेदनों की बारीकी से समीक्षा कर श्रेष्ठ कलाकारों के नामों पर मुहर लगाएगी।
हर शनिवार तीन सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी
श्रावण महोत्सव देश के सबसे प्रतिष्ठापूर्ण सांस्कृतिक आयोजनों में शुमार है, जिसकी तुलना खजुराहो नृत्य समारोह और ग्वालियर के ऐतिहासिक तानसेन समारोह जैसे देश के शीर्ष आयोजनों से की जाती है। श्रावण और भाद्रपद मास के दौरान हर शनिवार को आयोजित होने वाली इस रसरंजक शाम में कुल तीन प्रस्तुतियां होंगी। इसमें देश-विदेश में अपनी कला का लोहा मनवा चुके कलाकारों के साथ-साथ उज्जैन के स्थानीय कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं को एक बड़ा और गरिमामय मंच साझा करने का अवसर प्राप्त होगा।
इस बार कब आयोजन
1 अगस्त
8 अगस्त
15 अगस्त
22 अगस्त
29 अगस्त
05 सितंबर









