जियो का IPO जल्द, 27 करोड़ शेयर होंगे जारी

देश की सबसे बड़ी वायरलेस ऑपरेटर और डिजिटल सेवा प्रदाता कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (JPL) ने अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) के पास ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) फाइल कर दिया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में चेयरमैन मुकेश अंबानी ने शुक्रवार, 19 जून 2026 को इसकी आधिकारिक घोषणा की। यह आईपीओ करीब 4 अरब डॉलर (37,000 करोड़ रुपये से अधिक) का हो सकता है, जो वर्ष 2024 में आए हुंडई मोटर इंडिया के 3.3 अरब डॉलर के आईपीओ को पछाड़कर भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ बनने की राह पर है।

जियो मेगा आईपीओ: मुख्य विवरण और टाइमलाइन
स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, कंपनी इस आईपीओ के माध्यम से 27 करोड़ नए शेयर जारी करेगी। वर्तमान में जियो प्लेटफॉर्म्स में मुकेश अंबानी की मूल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज की हिस्सेदारी 66% से अधिक है, जबकि मेटा प्लेटफॉर्म्स की 10% और गूगल इंटरनेशनल की 7.7% हिस्सेदारी है। ट्राई (TRAI) के आंकड़ों के अनुसार, 52.69 करोड़ से अधिक ग्राहकों के साथ जियो भारतीय इंटरनेट और टेलीकॉम बाजार के करीब 50% हिस्से पर काबिज है।
मुकेश अंबानी ने बताया कि आकाश अंबानी, ईशा अंबानी और अनंत अंबानी इस पूरी आईपीओ प्रक्रिया का नेतृत्व कर रहे हैं। सेबी द्वारा ड्राफ्ट पेपर्स की जांच में अमूमन 2 से 3 महीने का समय लगता है, जिसके बाद यदि बाजार की परिस्थितियां अनुकूल रहीं, तो यह आईपीओ नवंबर-दिसंबर 2026 तक निवेशकों के लिए खुल सकता है।
आकाश अंबानी की बड़ी घोषणाएं: ‘जियो कॉल एजेंट’ और सैटेलाइट नेटवर्क
जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रबंध निदेशक (MD) आकाश अंबानी ने एजीएम में तकनीकी मोर्चे पर कई क्रांतिकारी घोषणाएं कीं:
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जियो कॉल एजेंट (AI वॉइस असिस्टेंट): कंपनी एक इन-बिल्ट एआई वॉइस असिस्टेंट ला रही है, जिसके लिए किसी ऐप को डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होगी। यूजर “हे जियो” बोलकर इसे सक्रिय कर सकेंगे। यह लाइव कॉल के दौरान बातचीत को नोट (ट्रांसक्राइब) कर सकता है, 10 अलग-अलग आवाजों को पहचान सकता है, कॉल समरी बना सकता है और कॉल के दौरान ही खाना ऑर्डर करने या कैब बुक करने जैसे काम कर सकता है। इसे इस साल के अंत तक लॉन्च किया जाएगा।
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लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) सैटेलाइट नेटवर्क: जियो भारत के लिए अपना खुद का सैटेलाइट नेटवर्क विकसित करने की संभावनाओं पर काम कर रहा है।
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AI बैकबोन और जामनगर प्रोजेक्ट: रिलायंस इंटेलिजेंस जामनगर में 120 मेगावाट का पहला एआई फेज 2026 के अंत तक शुरू करेगा, जिसमें एनवीडिया (Nvidia) GB300 जीपीयू का उपयोग किया जा रहा है।
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जियो होम्स ब्रॉडबैंड: अगली पीढ़ी की कनेक्टिविटी के तहत घरों को 5 Gbps तक की डाउनलोड स्पीड मिलेगी।
रिलायंस रिटेल का प्रदर्शन: ईशा अंबानी की रिपोर्ट
रिलायंस की नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ईशा अंबानी ने रिटेल बिजनेस के शानदार आंकड़े प्रस्तुत किए:
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रिलायंस रिटेल ने अपने सफर के 20 वर्ष पूरे कर लिए हैं और वित्त वर्ष 2025-26 में इसका रेवेन्यू 11.8% की सालाना बढ़त के साथ 3,70,026 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।
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कंपनी के रजिस्टर्ड ग्राहकों की संख्या बढ़कर 38.7 करोड़ हो गई है।
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स्मार्ट बाजार नेटवर्क ने 1,000 से अधिक स्टोर्स का आंकड़ा पार कर लिया है, जबकि जियोमार्ट 3,100 से अधिक स्टोर्स के साथ 1,200 से अधिक शहरों में भारत का सबसे बड़ा क्विक कॉमर्स नेटवर्क बन गया है।
रिफाइनरी और वित्तीय आंकड़े: अनंत अंबानी की समीक्षा
रिलायंस के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने बताया कि पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक स्तर पर एलएनजी (LNG) आपूर्ति प्रभावित होने के बावजूद, बेहतर लॉजिस्टिक्स और बहु-स्तरीय सोर्सिंग के कारण मार्च में रिफाइनरी की उत्पादन क्षमता पूरी तरह बनी रही। संकट के समय रिलायंस ने घरेलू गैस को आवश्यक क्षेत्रों की ओर डाइवर्ट कर संतुलन बनाया।
चौथी तिमाही के वित्तीय नतीजे:
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच, वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी (जनवरी-मार्च) तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 13% घटकर 16,971 करोड़ रुपये रहा (जो पिछले वर्ष की समान तिमाही में 19,407 करोड़ रुपये था)। हालांकि, इस दौरान कंपनी का कुल रेवेन्यू 13% की मजबूत बढ़त के साथ 2.98 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।








