रेप केस के बाद Snapchat पर बड़ा एक्शन, कंपनी पर मुकदमा

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म स्नैपचैट (Snapchat) की मूल कंपनी स्नैप (Snap Inc.) एक बेहद गंभीर और संवेदनशील कानूनी संकट में घिर गई है। अमेरिका के मिसौरी (Missouri) राज्य में कंपनी के खिलाफ एक बड़ा मुकदमा दायर किया गया है। इस मुकदमे में सीधे तौर पर आरोप लगाया गया है कि स्नैपचैट प्लेटफॉर्म और उसके कुछ खास फीचर्स एक 12 साल की मासूम बच्ची के साथ हुए बलात्कार (दुष्कर्म) के लिए जिम्मेदार हैं।

शिकायत के अनुसार, 25 वर्षीय आरोपी गैब्रियल जोएल वैलेंटीन-रियोस ने स्नैपचैट ऐप के ‘क्विक ऐड’ (Quick Add) और ‘स्नैप मैप’ (Snap Map) जैसे फीचर्स का फायदा उठाकर जेएफ (छद्म नाम) नाम की एक नाबालिग लड़की को अपना शिकार बनाया। ऐप की मदद से वह न सिर्फ उस बच्ची से जुड़ने में कामयाब रहा, बल्कि उसे बहलाने-फुसलाने में भी सफल हुआ।
अजनबियों को ‘मिलनसार’ दिखाता है ऐप, चेतावनियों में विफल
अदालत में दायर शिकायत में ऐप की कार्यप्रणाली (एल्गोरिदम) पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं:
- गलत सुझाव: आरोप है कि स्नैपचैट के ‘क्विक ऐड’ फीचर ने 25 साल के वयस्क आरोपी वैलेंटीन-रियोस को जेएफ और उसी इलाके की अन्य नाबालिग लड़कियों के अकाउंट्स को फ्रेंड के रूप में जोड़ने का सुझाव (सजेशन) दिया था।
- भ्रामक छवि: शिकायत के मुताबिक, ऐप के इंटरफेस ने आरोपी वैलेंटीन-रियोस को एक बेहद सौम्य और मिलनसार दिखने वाले लड़के के रूप में दर्शाया था।
- सुरक्षा में चूक: स्नैपचैट अपने प्लेटफॉर्म पर नाबालिगों को यह समय रहते चेतावनी देने में पूरी तरह विफल रहा कि ये यूजर्स पूरी तरह अजनबी हो सकते हैं और इनसे दोस्ती करना या लोकेशन शेयर करना खतरनाक साबित हो सकता है।
डार्क वेब पर स्नैपचैट के जरिए शिकार बनाने की ‘गाइड बुक’
अदालती कार्यवाही के दौरान एक चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ है। कोर्ट को बताया गया कि स्नैप के शीर्ष अधिकारियों को डार्क वेब (Dark Web) पर एक ऐसी बुक (मैनुअल) मिली है, जिसमें अपराधी तत्वों को विशेष रूप से स्नैपचैट के फीचर्स का इस्तेमाल करके कम उम्र के युवा यूजर्स को आसानी से निशाना बनाने के तरीके सिखाए गए हैं।
इसके अलावा, ‘हीट इनिशिएटिव’ नामक एक स्वतंत्र संगठन द्वारा किए गए सर्वे के आंकड़े भी बेहद डराने वाले हैं। सर्वे के मुताबिक, स्नैपचैट का इस्तेमाल करने वाले **लगभग आधे (50%) नाबालिग यूजर्स** ने पिछले एक साल के भीतर ऐप पर किसी न किसी प्रकार की ‘असुरक्षित सामग्री या संदेश’ (Unsafe Content/Messages) का सामना किया है।
सोशल मीडिया कंपनियों पर मुकदमों का अंबार
यह कोई इकलौता मामला नहीं है; वर्तमान में अमेरिका की अदालतों में बड़ी टेक और सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है। विशेष रूप से कैलिफोर्निया राज्य की अदालतों में बच्चों को ऐप की लत (Addiction) लगाने और सुरक्षा में खामियों को लेकर हजारों मुकदमे लंबित हैं:
भारत: स्नैपचैट के लिए दुनिया का सबसे बड़ा यूजर बेस
वैश्विक स्तर पर स्नैपचैट की पहुंच 25 से अधिक प्रमुख देशों में 13 से 24 वर्ष की आयु वर्ग के लगभग 90% युवाओं तक हो चुकी है। लेकिन व्यावसायिक और यूजर बेस के लिहाज से भारत स्नैपचैट के लिए दुनिया भर में सबसे बड़ा बाजार बनकर उभरा है।
‘याहू फाइनेंस’ की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत में स्नैपचैट के 25 करोड़ (250 मिलियन) से अधिक एक्टिव मंथली यूजर्स हैं। यह संख्या स्नैपचैट के संपूर्ण वैश्विक यूजर बेस का लगभग 36% हिस्सा है। भारत में इसके ग्राफ और यूजर्स की संख्या में लगातार तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है, जो भारतीय संदर्भ में भी बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा और पैरेंटल कंट्रोल (Parental Control) को लेकर एक बड़ी चिंता का विषय है।









