पटाखों से किया था धमाका, आतंकी गतिविधि जैसा कुछ नहीं

उज्जैन। मोहर्रम के जुलूस के दौरान बडऩगर के अडान मोहल्ला (विजय स्तंभ चौक) में क्रेन की सहायता से मैजिक को 40 फीट की ऊंचाई पर लटकाकर उसमें पटाखे फोडऩे और खतरनाक स्टंट करने के मामले में आतंकी गतिविधि जैसा कुछ नहीं है। एटीएस या अन्य जांच एजेंसी की कोई भूमिका भी मामले में नहीं है। पुलिस ने 13 पर नामजद मुकदमे दर्ज किए हैं जिसमें तीन मुख्य आरोपी और क्रेन ड्राइवर को गिरफ्तार किया जा चुका है।

मोहर्रम जुलूस के दौरान मैजिक गाड़ी में धमाके के स्टंट का वीडियो वायरल होने के बाद से घटना को अलग एंगल से देखा जा रहा था। देशभर में तीखी प्रतिक्रियाएं हो रही थीं लेकिन जब पुलिस ने मामले की जांच की तो सामने आया कि यह सिर्फ स्थानीय अखाड़ों के बीच का आपसी कॉम्पिटिशन था। पुलिस ने शुक्रवार को क्रेन ड्राइवर विजय मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। इसके पहले तीन मुख्य आरोपियों अड़ान मोहल्ला अखाड़े के उस्ताद शोएब पिता गब्बू खान, जाहिद पिता भूरा खान और तपसील उर्फ तस्लीम पिता नेहरू खान को गिरफ्तार किया था।
शुक्रवार को कोर्ट तीनों की तीन दिन की रिमांड मिली है। इसके अलावा ९ और लोगों के नाम एफआईआर में बढ़े हैं। बडऩगर टीआई कमलेश सिंगार ने बताया स्टंट में इस्तेमाल मैजिक और क्रेन को जब्त किया था। फोरेंसिक टीम ने भी मैजिक की जांच के बाद स्पष्ट कर दिया है कि धमाके आतिशबाजी में उपयोग की जाने वाली बारूद के थे। उस वक्त मैजिक में दो लोग थे जो आतिशबाजी कर सुरक्षित बाहर निकले थे। यह एक स्थानीय स्तर का मामला है, इसलिए इसमें एटीएस या किसी अन्य केंद्रीय जांच एजेंसी की कोई भूमिका नहीं है।
अखाड़ों के बीच हर साल होते हैं नए प्रयोग
टीआई कमलेश सिंंगार ने बताय यह पूरी घटना अखाड़ों की आपसी प्रतिद्वंद्विता है। मोहर्रम के जुलूस में पांच अखाड़े शामिल होते हैं। श्रेष्ठता साबित करने के लिए अखाड़ों के कलाकार तमाम स्टंट दिखाते हैं। यह कॉम्पिटिशन बरसों से चला आ रहा है। सूत्रों का कहना है कि अखाड़ों के इस कॉम्पिटिशन में पहले हिंदू अखाड़े भी शामिल होते थे जो कुछ बरसों से बंद हो गए।









