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सेशेल्स में PM मोदी ने की पूजा, भारतीयों से भी की मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने तीन दिवसीय सेशेल्स दौरे के आखिरी दिन राजधानी विक्टोरिया में भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की और उनसे बातचीत की। इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने अरुल मिहु नवशक्ति विनायकर मंदिर में भगवान गणेश के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और विक्टोरिया के पीस पार्क में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद वे नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

 

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दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों और सेशेल्स की आजादी के 50 वर्ष पूरे होने के मौके पर यह दौरा कई मायनों में बेहद खास रहा।

सेशेल्स के ‘गोल्डन जुबली नेशनल डे’ में मुख्य अतिथि बने पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी रविवार को सेशेल्स के 50वें राष्ट्रीय दिवस समारोह में मुख्य अतिथि (Chief Guest) के रूप में शामिल हुए। सेशेल्स के स्वतंत्रता दिवस समारोह में हिस्सा लेने वाले वे पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं।

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  • भारतीय सेना का शौर्य: राष्ट्रीय दिवस की परेड में असम राइफल्स, भारतीय नौसेना और नौसेना के मार्चिंग बैंड ने हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री मोदी ने खड़े होकर भारतीय सैन्य दल का सम्मान किया।

  • युद्धपोतों की मौजूदगी: इस खास मौके पर भारतीय नौसेना के युद्धपोत ‘आईएनएस तरकश’ और ‘आईएनएस इक्षाक’ भी पोर्ट विक्टोरिया पहुंचे और परेड का हिस्सा बने।

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  • सर्वोच्च नागरिक सम्मान: सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने पीएम मोदी को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘गार्जियन ऑफ ब्लू होराइजन’ से नवाजा। पीएम मोदी को अब तक दुनिया के 34 देशों से सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिल चुका है।

पीएम मोदी के सेशेल्स दौरे की 4 बड़ी और अहम बातें

1. 19 बड़े समझौतों और परियोजनाओं का ऐलान

भारत और सेशेल्स के बीच साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, अंतरिक्ष और समुद्री सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 19 अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इसमें दोनों देशों के बीच प्रत्यर्पण संधि भी शामिल है।

2. यूपीआई (UPI) और ₹1250 करोड़ की लाइन ऑफ क्रेडिट

आर्थिक और डिजिटल सहयोग को बढ़ावा देने के लिए सेशेल्स में भारत की ‘UPI’ आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली शुरू करने पर सहमति बनी। इसके साथ ही भारत ने सेशेल्स को विकास कार्यों के लिए 1,250 करोड़ रुपए (175 मिलियन अमेरिकी डॉलर) की लाइन ऑफ क्रेडिट (लोन) और आर्थिक पैकेज देने की घोषणा की।

3. समुद्री सुरक्षा के लिए ‘पीएस लेस्पवार’ का तोहफा

भारत ने सेशेल्स की समुद्री निगरानी क्षमता को मजबूत करने के लिए भारत में निर्मित फास्ट पेट्रोल वेसल (FPV) ‘पीएस लेस्पवार’ सेशेल्स के राष्ट्रपति को गिफ्ट किया। इसके अलावा भारत की तरफ से 10 यूटिलिटी वाहन, 5 नौकाएं, 6 एम्बुलेंस, 500 मीट्रिक टन चावल और 8,500 मीट्रिक टन सीमेंट भी सेशेल्स को सौंपा गया।

4. ‘कोको डी मेर’ का पौधा लगाया

दौरे के दौरान पीएम मोदी ने सेशेल्स की अनूठी पहचान माने जाने वाले ‘कोको डी मेर’ (समुद्र का नारियल) का पौधा लगाया। इस पौधे और इसके फल से जुड़ी कई बेहद दिलचस्प बातें हैं:

  • दुनिया का सबसे बड़ा बीज: इसका बीज दुनिया में सबसे बड़ा और भारी माना जाता है, जिसका वजन 15 से 30 किलोग्राम तक होता है। इसके फल को पकने में ही 6 से 7 साल का समय लग जाता है।

  • अनोखी बनावट: कोको डी मेर के नर और मादा पेड़ अलग होते हैं। मादा फल की बनावट महिला के कूल्हे जैसी और नर फूल की बनावट पुरुष के जननांग जैसी दिखती है।

  • लंबी उम्र और इतिहास: यह पेड़ 200 से 350 साल तक जीवित रह सकता है। प्राचीन काल में जब यह तैरता हुआ भारत या मालदीव के तटों पर पहुंचता था, तो लोग इसे जादुई पेड़ का फल मानते थे। फ्रांसीसी भाषा में ‘कोको डी मेर’ का अर्थ होता है ‘समुद्र का नारियल’।

सेशेल्स जाने वाले सिर्फ दूसरे भारतीय प्रधानमंत्री हैं मोदी

भारत और सेशेल्स के संबंध बेहद पुराने हैं। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी साल 1976 में सेशेल्स के स्वतंत्रता समारोह के मौके पर वहां गई थीं और भारत ने उस समय अपना नौसैन्य युद्धपोत ‘आईएनएस नीलगिरि’ भी भेजा था। इसके बाद 1981 में उन्होंने दोबारा वहां का दौरा किया था। इंदिरा गांधी की उस यात्रा के बाद, लगभग 34 साल तक किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री ने सेशेल्स की यात्रा नहीं की थी, जिसके बाद पीएम मोदी वहां पहुंचने वाले दूसरे प्रधानमंत्री बने हैं।

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