Advertisement

महंगाई का डबल झटका! बदल गए पेट्रोल, डीजल और LPG के रेट

देश में आम आदमी के मासिक बजट पर एक साथ कई मोर्चों से दबाव बनता दिख रहा है। एक तरफ अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में फिर से तेजी आ गई है, वहीं दूसरी ओर घरेलू स्तर पर पेट्रोल-डीजल पहले से ही अपने ऊंचे स्तर पर टिके हुए हैं। इसके साथ ही एलपीजी (LPG) सिलेंडर के दाम भी आम जनता की जेब पर भारी पड़ रहे हैं। इन परिस्थितियों के कारण ट्रांसपोर्ट से लेकर किचन तक का हर खर्च प्रभावित हो रहा है।

 

Advertisement

शहरों में पेट्रोल-डीजल की मौजूदा स्थिति

देश के प्रमुख महानगरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई बड़ी राहत मिलती नहीं दिख रही है। विभिन्न शहरों में दाम इस प्रकार बने हुए हैं:

  • दिल्ली: यहाँ पेट्रोल करीब 102 रुपये प्रति लीटर और डीजल 89 रुपये प्रति लीटर के आसपास बना हुआ है।
  • मुंबई: आर्थिक राजधानी में पेट्रोल 111 रुपये के पार और डीजल 97 रुपये के करीब पहुंच चुका है।
  • कोलकाता और चेन्नई: इन शहरों में भी पेट्रोल 107 रुपये से 113 रुपये के बीच और डीजल 94 रुपये से 99 रुपये के दायरे में बिक रहा है।

कीमतों में भले ही रोज कोई बड़ा बदलाव दर्ज नहीं किया जा रहा हो, लेकिन इनका यह लगातार ऊंचा स्तर ही आम उपभोक्ताओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती है।

Advertisement

क्रूड ऑयल और एलपीजी (LPG) सिलेंडर के दाम

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crूड ऑयल) में उछाल

वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई हालिया तेजी ने घरेलू स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश तेल आयात (Import) करता है, इसलिए क्रूड महंगा होने से देश में ईंधन की लागत बढ़ना तय है। यही वजह है कि आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दामों में और अधिक बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।

रसोई गैस और कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें

रसोई गैस की कीमतों ने भी घर का बजट बिगाड़ कर रख दिया है:

Advertisement
  • घरेलू एलपीजी सिलेंडर (14.2 किलो): दिल्ली में इसकी कीमत करीब 940 रुपये से 950 रुपये के स्तर पर बनी हुई है। हाल ही में हुई बढ़ोतरी ने गृहणियों की चिंता बढ़ा दी है।
  • कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर (19 किलो): व्यावसायिक इस्तेमाल वाला यह सिलेंडर 3000 रुपये के पार बना हुआ है। इसका सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों के खर्च पर पड़ता है, जिससे बाहर खाना-पीना भी महंगा हो जाता है।

महंगाई बढ़ने के मुख्य कारण और आम जनता पर प्रभाव

ईंधन और गैस के लगातार महंगे बने रहने के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारक जिम्मेदार हैं:

  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में होने वाला उतार-चढ़ाव।
  • अमेरिकी डॉलर की तुलना में भारतीय रुपये की स्थिति और डॉलर की मजबूती।
  • ईंधन पर लगने वाला टैक्स स्ट्रक्चर (केंद्रीय और राज्य कर) तथा सप्लाई चेन से जुड़ी दिक्कतें।

पेट्रोल-डीजल और गैस के दाम बढ़ने का असर सिर्फ वाहन चलाने वालों तक सीमित नहीं रहता। जब ईंधन महंगा होता है, तो माल ढुलाई (Transportation) की लागत बढ़ जाती है। इसका सीधा नतीजा यह होता है कि मंडियों में सब्जियों, राशन, दूध और अन्य जरूरी चीजों की कीमतें भी बढ़ जाती हैं। संक्षेप में कहें तो यह सिर्फ ईंधन की महंगाई नहीं है, बल्कि इससे आम आदमी की पूरी लाइफस्टाइल महंगी होती जा रही है।

Related Articles

📢 पूरी खबर पढ़ने के लिए

बेहतर अनुभव के लिए ऐप का उपयोग करें

ऐप में पढ़ें
ऐप खोलें
ब्राउज़र में जारी रखें