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तंत्र-मंत्र के नाम पर चल रहा था खेल? उज्जैन में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई

अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। हरसिद्धि मंदिर क्षेत्र में पूजा सामग्री की आड़ में प्रतिबंधित वन्यजीव के अंगों की तस्करी करने वाले एक दुकानदार को वन विभाग के अफसरों ने गिरफ्तार किया है। शिवाय रुद्राक्ष पात्रा नामक दुकान पर अफसर ग्राहक बनकर पहुंचे थे। उन्होंने संचालक यश शर्मा (35) से हठजोड़ी का सौदा किया और जैसे ही उसने हठ जोड़ी दी, उसे दबोच लिया।

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हठ जोड़ी गोह या गोहेरा के अंग हैं, जिसे वैज्ञानिक जांच के लिए जबलपुर फोरेंसिक लैब भेजा गया है। गोह या गोहेरा वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की अनुसूची-1 के तहत अत्यंत संरक्षित जीव है। वन विभाग ने आरोपी पर धारा 39, 49, 50 और 51 के तहत मामला दर्ज किया है। यह पता लगाया जा रहा है कि इस अवैध कारोबार के पीछे कौन सा नेटवर्क काम कर रहा है।

तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास की आड़ में प्रतिबंधित वन्यजीव अंगों के अवैध कारोबार की सूचना मिलने परी वन विभाग की टीम हरसिद्धि मंदिर क्षेत्र में पहुंची थी। यहांशिवाय रुद्राक्ष नामक दुकान पर टीम पहुंची और हठ जोड़ी का सौदा तय की। जैसे ही दुकानदार यश शर्मा (35) ने हठ जोड़ी दी, उसे पकड़ लिया गया।

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क्या है हठ जोड़ी और क्या है खासियत

हठ जोड़ी गोह या गोहरे के अंग हैं, जिनका उपयोग तंत्र-मंत्र, धन प्राप्ति और विशेष सिद्धियों के लिए किया जाता है। इसे अंधविश्वास फैलाकर ऊंचे दामों पर बेचा जाता है। वन विभाग को लंबे समय से प्रतिबंधित वन्यजीव अंगों की बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं और इसके बाद विभाग ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।

डीएफओ अनुराग तिवारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में जब्त सामग्री मॉनिटर लिजॉर्ड जिसे गोहेरा या गोह भी कहा जाता है उसके गुप्त अंग होने की प्रबल आशंका है। जब्त सामग्री को वैज्ञानिक और पुख्ता पुष्टि के लिए जबलपुर स्थित वन्यजीव फोरेंसिक प्रयोगशाला भेज दिया है। फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। अब इस बात का पता लगाया जा रहा है कि ये प्रतिबंधित अंग उज्जैन में कहां से सप्लाई किए जा रहे थे और इस तस्करी के तार किन-किन शहरों से जुड़े हैं।

शेड्यूल-1 का संरक्षित जीव है गोहेरा

यदि फोरेंसिक जांच में मॉनिटर लिजॉर्ड के अंग होने की पुष्टि होती है, तो आरोपी पर दर्ज मामले में और गंभीर धाराएं जोड़ी जाएंगी। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 में शामिल मॉनिटर लिजॉर्ड देश के सर्वाधिक संरक्षित वन्यजीवों की श्रेणी में आती है। ऐसे जीवों का शिकार, अंगों का संग्रह या उनकी खरीद-फरोख्त गैर-जमानती और गंभीर अपराध है। वन विभाग ने आरोपी यश शर्मा के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धारा 39, 49, 50 और 51 के तहत केस दर्ज किया है।

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