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एक ही सप्ताह में दो बड़े ग्रहों का राशि परिवर्तन देश-दुनिया की राजनीति पर दिखेगा गहरा असर

कल शुक्र का सिंह में प्रवेश, तो 7 को वक्री बुध लौटेंगे मिथुन में; 23 जुलाई को बुध मार्गी होने पर संभलेंगी स्थितियां

 

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अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। जुलाई का पहला सप्ताह ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद हलचल भरा और महत्वपूर्ण होने जा रहा है। इस दौरान मात्र तीन दिनों के भीतर दो प्रमुख ग्रह, शुक्र और बुध, अपनी राशि बदलने जा रहे हैं। 4 जुलाई को सुख-सुविधा, वैभव और विलासिता के कारक शुक्र ग्रह कर्क राशि से निकलकर सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। इसके ठीक तीन दिन बाद, यानी 7 जुलाई को बुद्धि, वाणी और व्यापार के कारक बुध ग्रह वक्री अवस्था में एक बार फिर अपनी स्वराशि मिथुन में लौट आएंगे। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इन दोनों ग्रहों के गोचरों का संयुक्त प्रभाव केवल व्यक्तिगत राशियों पर ही नहीं, बल्कि देश-दुनिया की राजनीति, अर्थव्यवस्था, व्यापार, संचार और मौसम पर भी व्यापक रूप से देखने को मिलेगा।

ज्योतिषाचार्य वीपी शुक्ला के अनुसार, ग्रहों का यह दोहरा फेरबदल कई क्षेत्रों में बड़े उतार-चढ़ाव लेकर आ सकता है। सिंह राशि में शुक्र के प्रवेश करते ही वहां पहले से मौजूद केतु के साथ उनकी युति बनेगी, जिस पर मंगल की पूर्ण दृष्टि भी रहेगी। शुक्र, मंगल और केतु का यह त्रिकोणीय संयोग देश में महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर तनाव बढ़ा सकता है।

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इसके अशुभ प्रभाव से सिनेमा, मनोरंजन, फैशन, लग्जरी कारों और रत्न आभूषण यानी ज्वेलरी के कारोबार में मंदी की स्थिति बन सकती है। वहीं मौसम में आर्द्रता (नमी) बढऩे के कारण कृषि क्षेत्र को कुछ नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस दौरान देश के कुछ हिस्सों में वर्षा की कमी भी देखी जा सकती है। व्यक्तिगत स्तर पर सिंह, वृषभ और तुला राशि के जातकों के लिए यह समय विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण और सतर्क रहने वाला रहेगा।

वक्री बुध से मिथुन को लाभ तो कन्या को होगी कठिनाई

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पं. शुक्ला के मुताबिक 7 जुलाई को बुध के वक्री और अस्त होकर मिथुन राशि में लौटने से मिश्रित परिणाम मिलेंगे। इसके कारण तकनीकी और संचार व्यवस्था में कुछ व्यवधान आ सकते हैं। बैंकिंग, आईटी, शिक्षा और पत्रकारिता के क्षेत्रों में तकनीकी गड़बडिय़ां, भ्रम की स्थिति और गलत अफवाहों का प्रसार तेजी से होने की आशंका बनी रहेगी।

हालांकि, बुध की इस वक्र गति के कारण मिथुन राशि के लोगों के लंबे समय से रुके हुए और अधूरे कार्य दोबारा गति पकड़ेंगे, जबकि कन्या राशि के जातकों को व्यापार और कार्यक्षेत्र में थोड़ी कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है। राहत की बात यह है कि 23 जुलाई को जब बुध पुन: मार्गी यानी सीधी चाल चलेंगे, तब इन सभी विपरीत और असमंजस की परिस्थितियों में धीरे-धीरे सुधार होना शुरू हो जाएगा।

अशुभ प्रभावों से बचने के सरल ज्योतिषीय उपाय

ग्रहों के इस बड़े फेरबदल के दौरान विपरीत परिस्थितियों से बचने के लिए ज्योतिषाचार्य ने विशेष उपाय बताए हैं। बुध ग्रह के शुभ फल प्राप्त करने और व्यापारिक बाधाओं को दूर करने के लिए जातकों को भगवान गणेश और भगवान विष्णु जी की आराधना करनी चाहिए। इस दौरान नियमित रूप से मंत्र का जाप और बुधवार के दिन गाय को हरा चारा खिलाना अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। वहीं सुख-समृद्धि के कारक शुक्र ग्रह को मजबूत करने के लिए शुक्रवार के दिन माता लक्ष्मी को खीर का भोग लगाना चाहिए। सफेद वस्तुओं जैसे चावल, चीनी या सफेद वस्त्रों का दान किसी जरूरतमंद को करें।

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