12 रुपए के अपडेट का झांसा और खाते से 4.53 लाख साफ

साइबर ठगों का बड़ा सर्जिकल स्ट्राइक: एपीके फाइल भेजकर खाली किया अकाउंट
अक्षरविश्व न्यूज इंदौर। स्वच्छता में नंबर वन इंदौर में साइबर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब पढ़े-लिखे और तकनीकी रूप से जागरूक नागरिक भी उनके शातिर जाल में उलझ रहे हैं। अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र में रहने वाले एक इंजीनियर के साथ साइबर ठगी की ऐसी ही खौफनाक वारदात सामने आई है। शातिर जालसाजों ने बिजली बिल बकाया होने और महज़ आधे घंटे में कनेक्शन काटने का डर दिखाकर इंजीनियर के बैंक खाते से 4 लाख 53 हजार रुपए की भारी-भरकम राशि पार कर दी। पूरी वारदात को अंजाम देने के लिए ठगों ने महज़ 12 रुपए के ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का सहारा लिया।
घटना अन्नपूर्णा क्षेत्र के रहने वाले इंजीनियर राजेश के साथ हुई। 17 जुलाई की देर रात उनकी पत्नी के मोबाइल पर एक मैसेज आया, जिसमें लिखा था… ‘आपका बिजली बिल अपडेट नहीं हुआ है, आज ही बकाया बिल न भरने पर 30 मिनट में कनेक्शन काट दिया जाएगा।’ मैसेज के साथ ही संपर्क करने के लिए एक अज्ञात मोबाइल नंबर भी दिया गया था। हड़बड़ाहट में राजेश ने जब उस नंबर पर बिजली बिल की पुरानी रसीद भेजी, तो दूसरी तरफ बैठे ठग ने खुद को बिजली कंपनी का कर्मचारी बताते हुए कहा कि ‘सिस्टम में कंज्यूमर नंबर अपडेट नहीं दिखा रहा है, जिसे तुरंत मैन्युअली अपडेट करना होगा।’
शातिर ठग ने कंज्यूमर नंबर अपडेट करने के नाम पर राजेश के व्हाट्सएप पर एक ऐपीके फाइल’ भेजी। हांलाकि, तकनीकी खराबी के चलते वह फाइल राजेश के फोन में डाउनलोड नहीं हो सकी। इस पर ठग ने बेहद ही शातिराना अंदाज में मदद का नाटक किया और कहा कि ‘फाइल डाउनलोड करने की जरूरत नहीं है, सिर्फ 12 रुपए का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करके कंज्यूमर नंबर वेरीफाई कर लीजिए।’ ठग के झांसे में आकर राजेश ने जैसे ही 12 रुपए के भुगतान के लिए अपने डेबिट कार्ड की जानकारी और मोबाइल पर आया ओटीपी शेयर किया, उनका फोन हैक सा हो गया।
मिनटों में खाली हो गया खाता
ओटीपी साझा करते ही राजेश के मोबाइल पर एक के बाद एक बैंक से पैसे कटने के मैसेज आने लगे। जब तक वह कुछ समझ पाते और बैंक को सूचित करते, तब तक ठगों ने अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए उनके खाते से 4 लाख 53 हजार रुपये उड़ा दिए थे। अचानक लगी इस चपत के बाद पीडि़त ने तुरंत अपना बैंक खाता ब्लॉक कराया और साइबर थाने पहुँचकर आपबीती सुनाई। साइबर पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर बैंक खातों और कॉल डिटेल्स के आधार पर जांच शुरू कर दी है।








