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एसी कोच में रिजर्वेशन पर करते सफर, फिर कर देते सहयात्री का बैग पार

जयपुर-चेन्नई एक्सप्रेस से महिला का ट्रॉली बैग चुराने वाले आरोपी गिरफ्तार

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ओडिशा के राउरकेला के रहने वाले हैं आरोपी

उज्जैन। जीआरपी ने ओडिशा के दो ऐसे बदमाशों को गिरफ्तार किया है जो अलग-अलग एसी कोच में सफर करते और फिर सहयात्रियों का सामान चुरा लेते थे। इसके लिए यह बाकायदा रिजर्वेशन भी कराते थे। रात में यह सहयात्रियों के बैग एक दूसरे को थमा देते और बीच में बड़ा स्टेशन आने पर उतरकर फरार हो जाते। कोर्ट के आदेश पर आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।

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दरअसल, जयपुर एक्सप्रेस के एसी कोच से 18 जुलाई को वारदात हुई थी। एक महिला यात्री का बैग चोरी हुआ था। जीआरपी थाना प्रभारी एसके गुप्ता ने बताया सीसीटीवी फुटेज चैक करने पर दो यात्री बैग लेकर उज्जैन रेलवे स्टेशन पर उतरे थे। इनकी पहचान ओडिशा के राउरकेला निवासी बरकत हुसैन (49) और अब्दुल मन्नान (55) के तौर पर हुई। शिनाख्त होने के बाद मुखबिरों को सक्रिय किया तो आरोपियों के नागदा में होने की जानकारी मिली। ऐसे में पुलिस नागदा पहुंची और आउटर क्षेत्र से इनको गिरफ्तार किया गया। इनसे 55 हजार रुपए कीमत का सामान जब्त किया गया।

उज्जैन स्टेशन पर सीसीटीवी फुटेज में चोरी का बैग लेकर उतरते दिखे
टीआई गुप्ता ने बताया ट्रेन 12968 जयपुर चेन्नई एक्सप्रेस के एसी कोच में चोरी की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो आरोपी इसी ट्रेन से ट्रॉली बैग लेकर उतरते दिखे।

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यूं करते थे वारदात अलग-अलग कोच में रिजर्वेशन, फिर चोरी
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ट्रेन के अलग-अलग एसी कोच में रिजर्वेशन करवाते थे। रात तीन बजे बाद जब सह यात्री गहरी नींद में होता था तो उसका सामान चुराकर दूसरे कोच में यात्रा कर रहे साथी को दे देते थे। वारदात के बाद जो भी बड़ा स्टेशन आता था, उस पर उतरकर फरार हो जाते थे। चूंकि यात्री का सामान एक से दूसरे कोच में चला जाता था, ऐसे में चोरी का पता लगाना आसान नहीं होता था। आरोपी लगातार वारदात को अंजाम दे रहे थे। इस वारदात में ट्रॉली बैग चुराने के बाद दोनों ने रुपए आपस में बांट लिए थे। वह नई वारदात करने की फिराक में थे, उससे पहले ही पकड़ लिए गए।

11 महीने जेल में थे
टीआई गुप्ता ने बताया दोनों आरोपियों के खिलाफ दुर्ग में भी मामले दर्ज हंै। दुर्ग में गिरफ्तार होने के बाद दोनों 11 महीने तक वहां की जेल में बंद थे। छूटने के बाद इन्होंने जयपुर एक्सप्रेस में वारदात की थी। अब यह एक बार गिरफ्तार हो गए। दोनों को न्यायालय में पेश किया जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। गुप्ता ने बताया एक सप्ताह में अलग-अलग प्रकरणों में करीब 2 लाख रुपए कीमत के 10 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

इनका सहयोग रहा
आरोपियों की गिरफ्तारी में जीआरपी टीआई सुनील कुमार गुप्ता, आरपीएफ के आईपीएफ विकास गुर्जर, एसआई राजेंद्र मीणा सहित जीआरपी एवं आरपीएफ टीम के अधिकारी-कर्मचारियों का योगदान रहा।

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