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सिंहस्थ की मेजबानी के लिए मुस्लिमों ने खुद तोडऩी शुरू की शाही मस्जिद, तीसरी मंजिल से सुबह शुरू हुआ काम

दूसरा गुट नाराज, हंगामे पर उतरा, आंसू गैस छोड़ी, लाठी चार्ज

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अक्षरविश्व न्यूज:उज्जैन। 2028 में आने वाले सिंहस्थ की मेजबानी में मुस्लिम समुदाय ने भी अपना योगदान सोमवार से देना शुरू कर दिया। समुदाय ने कंठाल चौराहा- छत्री चौक चौड़ीकरण के दायरे में आ रही शाही मस्जिद के हिस्से को हटाने का काम सुबह करीब 8:30 बजे शुरू किया । हालांकि समाज के ही एक गुट को यह नागवार गुजरा और उसने हंगामा शुरू कर दिया। टंकी चौराहा, अंडा गली की तरफ से फोर्स पर पत्थर फेंके तो फोर्स ने भी आंसू गैस के गोले छोडक़र लाठी भांज दी।

आगर रोड पर कुछ लोगों ने चक्काजाम किया। शहर काजी खलीर्कुरहमान सहित उलेमा जमात के हाफिज अली अपने समुदाय के लोगों से शांति की अपील करते नजर आएं। अली ने तो लाउड हैलर (हाथ में पकड़े जाने वाली लाउड स्पीकर) से लोगों से कहा कि प्रशासन से बात हो गई है। हम खुद अपने हाथों से मस्जिद तोड़ रहे हैं। प्रशासन ने रात 1 बजे चार थाना क्षेत्र में धारा 163(144) लगा दी थी। हालांकि मस्जिद के आसपास भारी फोर्स तैनात है। यहां तुड़ाई का काम जारी है।

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हालांकि रविवार-सोमवार की पूरी रात मुस्लिम समुदाय और प्रशासन के लिए गहमागहमी की (भारी बेचैनी, तनाव भरी) रही। इसकी वजह था बड़ी संख्या में समुदाय के लोगों का मस्जिद के अंदर और बाहर जमावड़ा। इनमें महिलाएं भी थीं। करीब 10 घंटे तक चली ऊहापोह के बाद तडक़े 4 बजे मस्जिद का हिस्सा हटाने पर सहमति बनी और इसके बाद पूरा इलाका खाली होना शुरू हुआ। फजर (तडक़े) होने वाली नमाज के बाद काम शुरू होना था, लेकिन यह सुबह करीब 8:30 बजे तीसरी मंजिल से शुरू हुआ।

दरअसल, शाही मस्जिद का मसला शनिवार रात से गरमाया हुआ था। इसकी तपिश रविवार शाम ७ बजे उस वक्त और बढ़ गई, जब बड़ी संख्या में लोग यहां एकत्र होने लगे। दरअसल, सीएम डॉ. मोहन यादव द्वारा खुद का मकान तोड़े जाने के बाद ही साफ हो गया था कि प्रशासन आज रात कुछ बड़ा (शाही मस्जिद) करने वाला है,ऐसे में हजारों की संख्या में समुदाय विशेष के लोग यहां एकत्र हो गए थे।

गणेश विसर्जन जुलूस को दिया रास्ता

रात में लोग शांत थे, उन्होंने मानव शृंखला बनाई और सद्भाव दिखाते हुए रविवार रात करीब 8 बजे गणेश विसर्जन जुलूस को रास्ता भी दिया।

रात करीब १२ बजे नगरनिगम ने चार ट्रॉले पर पोकलेन, जेसीबी और डंपर गोपाल मंदिर और पटनीबाजार की तरफ खड़े किए तो इससे माहौल थोड़ा गरमाया। हालांकि थोड़ी ही देर बाद ही प्रशासन ने पूरे इलाके में बीएनएस धारा १६३ (१४४ ) लगा दी।

प्रशासन और मुस्लिम समुदाय के नुमांइदों के बीच तडक़े ४ बजेइसहमति बनी कि मुस्लिम समुदाय खुद मस्जिद तोड़ लेगा। फजर की नमाज के बाद काम शुरू होगा।

सुबह करीब ९.३० बजे जामा मस्जिद, टंकी चौराहा और अंडा गली की तरफ से अचानक महिलाएं विरोध जताने लगीं। फोर्स पर पत्थर फेंके। करीब १०.३० बजे मस्जिदों के वाट्स एप ग्रुप में शाही मस्जिद पहुंचने के संदेश चले।

टाइम लाइन : रविवार शाम 7  बजे से सोमवार दोपहर 12 बजे तक

  • रविवार शाम 7 बजे- मस्जिद के आसपास लोगों का जमावड़ा
  • रात 8 बजे- मानव शृंखला बनाकर विरोध जताया।
  • रात 8 से 2 बजे- भारी संख्या में लोगों का एकत्रीकरण
  • रात 11 बजे- मस्जिद की तरफ आने वाले रास्तों पर थ्री लेयर बैरिकेडिंग।
  • रात 12 बजे- पोकलेन, जेसीबी, डंपर पहुंचे।
  • तडक़े 4 बजे- प्रशासन-पुलिस और समाज के प्रमुखजन में समन्वय।
  • सोमवार सुबह 5 बजे- गोपाल मंदिर इलाका खाली
  • सुबह 5 बजे-एसपी प्रदीप शर्मा ने इलाके का पैदल मुआयना किया।
  • सुबह 8:30 बजे- मस्जिद हटने का काम शुरू
  • सुबह 9:40 बजे टंकी चौराहा पर हंगामा
  • सुबह 10:00 बजे- आगर रोड पर चक्काजाम
  • सुबह 12:00 बजे- पुरानी सब्जी मंडी से पथराव। आंसू गैस, लाठी चली।

पत्थरों पर टिकी मस्जिद, पोकलेन, जेसीबी से ढहने की थी आशंका

शाही मस्जिद पत्थरों से बनी है। शहर काजी के मुताबिक इसमें नींव नहीं है। पोकलेन-जेसीबी लगाने पर पूरी मस्जिद गिरने की आशंका थी।ऐसे में खुद ही प्रभावित हिस्सा हटाने का फैसला किया है। संदलवाला बिल्डिंग का हिस्सा खरीद कर देने का दिया था प्रस्ताव शाही मस्जिद का प्रभावित हिस्सा बचाने के लिए समाज के प्रमुखजनों ने संदलवाला बिल्डिंग का हिस्सा खरीदकर देने का प्रस्ताव रखा था। यह प्रस्ताव तकनीकी कारणों से प्रशासन ने स्वीकार नहीं किया।

अभिभावक चिंतित, डीईओ ने कहा सबकुछ सामान्य

सोमवार को स्कूल खुले थे और बच्चे भी रवाना हो गए थे।ऐसे में बदले माहौल को लेकर अभिभावक चिंतित दिखाई दिए। हालांकि निजी स्कूल के संचालक शहर के घटनाक्रम से चिंतित दिखाई दिए और उन्होंने अभिभावकों से कहा कि वे आकर अपने बच्चे ले जाएं। सेंट पॉल,सेंट मेरी, स्टेनफोर्ड आदि ने बच्चों की छुट्टी कर दी। डीईओ ने कहा कि शहर का माहौल सामान्य है। आप उन स्कूलों की जानकारी दीजिए, जिन्होंने छुट्टी की है। उनसे बात की जाएगी। जब माहौल सामान्य है तो वह डर क्यों पैदा कर रहे हैं ? उन पर कार्रवाई करेंगे। हालांकि डीईओ ने कहा कि कुछ निजी स्कूल संचालकों से बात हुई है, वह कह रहे हैं कि पैरेंट्स खुद बच्चों को ले जाने का दबाव बना रहे हैं, इसलिए बच्चों को छोडऩा पड़ रहा है।

दोपहर 12 बजे टंकी चौराहा पर पथराव

दोपहर 12 बजे टंकी चौराहा पर भारी भीड़ एकत्र हो गई। यहां समझाने गए प्रशासनिक और पुलिस अफसरों से युवा उलझ पड़े और पथराव कर दिया। पुलिस ने भी फिर लाठियां भांजी और आंसू गैस छोड़ी। तीन युवकों को गलियों से पकड़ा गया, हालांकि इन्हें फिर छोड़ दिया गया।

1 किलोमीटर के दायरे में हालात सामान्य

महाकाल चौराहा : सुबह 10.00 बजे

महाकाल मंदिर चौराहा से गुदरी की तरफ जाने वाले मार्ग पर वाहनों का आवागमन बंद किया गया। महाकाल, हरिफाटक ब्रिज, तोपखाना क्षेत्र से वाहनों को डायवर्ट किया गया। सामान्य दिनों की तरह लोगों का आवागमन जारी था।

बेगमबाग मार्ग : सुबह 10.15 बजे

महाकाल चौराहे से बेगमबाग, हरिफाटक ब्रिज की ओर मार्ग पर आवागमन सामान्य रहा। महाकालेश्वर मंदिर दर्शनों के लिये श्रद्धालु आमदिनों की तरह पहुंच रहे थे। किसी प्रकार की कोई तनाव की स्थिति नहीं। मैजिक, ई रिक्शा, कार, टैक्सी सभी का संचालन निर्बाध होता रहा। होटलों, दुकानों के बाहर कुछ लोग एकत्रित होकर चर्चा शाही मस्जिद के बारे में चर्चा करते नजर आए।

मिर्जा नईम बेग मार्ग : सुबह 10.30 बजे

यहां आवागमन सामान्य था। सब्जी, दूध वाले रोजाना की तरह अपने काम में लगे थे। पुलिस ने तेलीवाड़ा चौराहा, खाराकुआं थाने के सामने बैरिकेडिंग की थी। यहां से टंकी चौराहा की तरफ आवागमन बंद कर दिया था। पुलिस भी भारी संख्या में तैनात थी।

तोपखाना : सुबह 11:00 बजे

शहर के संवेदनशील इलाकों में शामिल तोपखाना क्षेत्र में सुबह 11 बजे स्थिति सामान्य दिनों की तरह थी। होटलें भी खुली थीं और अन्य दुकानें भी खुलती जा रही थीं। सडक़ों पर लोगों की चहल-पहल थी, लेकिन कोई तनाव की स्थिति नहीं थी।

नीलकंठ द्वार : सुबह 11.30 बजे

छत्रीचौक, गोपाल मंदिर क्षेत्र में उपद्रवियों द्वारा पत्थरबाजी के बाद आसपास से अतिरिक्त पुलिस फोर्स बुलाया गया। लाइन से यह बल महाकाल मंदिर के नीलकंठ द्वार पर पहुंचा और पुलिसकर्मी फुल किट मे तैयार होकर संवेदनशील इलाकों में पहुंचे। करीब १ हजार जवान अलग-अलग जगह तैनात किए गए हैं। यह व्यवस्था पर नजर रखे हुए हैं।

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