बड़ा गणेश मंदिर में मना स्वतंत्रता दिवस, हिंदू पंचांग के मुताबिक तिरंगा फहराकर मनाई आजादी की वर्षगांठ

बड़े गणेश मंदिर में मना स्वतंत्रता दिवस
उज्जैन। देशभर में आजादी की वर्षगांठ भले ही 15 अगस्त को मनाई जाती हो लेकिन बड़ा गणेश मंदिर में यह पर्व सनातनी परपंरानुसार पंचांग की तिथि अनुसार मनाया जाता है। मंगलवार को यहां तिथिनुसार स्वतंत्रता दिवस मनाया गया।
119 साल पुराने बड़े गणेश मंदिर में स्वतंत्रता दिवस अंग्रेजी कैलेंडर की तारीख के बजाय हिंदू पंचांग की तिथि श्रावण कृष्ण चतुर्दशी के मुताबिक मनाने की परंपरा है। इस बार चतुर्दशी मंगलवार को थी। ऐसे में यहां विधि-विधान से ध्वजारोहण कर आजादी की वर्षगांठ मनाई गई।
तिरंगा यात्रा निकाली, फिर महाआरती की
इस मौके पर मंदिर परिसर को तीन रंग (नारंगी, सफेद और हरा )से सजाया गया। दोपहर में मंदिर के समीप स्थित पुजारी परिवार के पुराने पारिवारिक आवास से तिरंगा यात्रा निकाली गई, जो आसपास घूमते हुए बड़ा गणेश मंदिर पहुंची। यहां सबसे पहले ध्वज और फिर गणेश पूजन किया गया, जिसके बाद मंत्रोच्चार के बीच महाआरती की गई। देशभक्ति के गीतों और नारों के बीच मंदिर के शिखर पर तिरंगा फहराया गया और अंत में उपस्थित जनों को प्रसाद वितरित किया गया।
1947 में 15 अगस्त को थी श्रावण कृष्ण चतुर्दशी
जानकारों और पंडितों के अनुसार भारत की आजादी का शुभ मुहूर्त उज्जैन से ही तय हुआ था। 1947 में जब देश को स्वतंत्रता मिली, तब 15 अगस्त को श्रावण कृष्ण चतुर्दशी तिथि थी। इसी को आधार बनाकर तब से हर वर्ष इसी पंचांग के अनुसार स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा है।
मंदिर परिवार के सदस्य पं. अक्षत व्यास के अनुसार यह 1947 से पारिवारिक परंपरा है। देश की आजादी से ठीक पहले तत्कालीन नेतृत्व ने उनके परिवार के परदादा ज्योतिषाचार्य पं. सूर्यनारायण व्यास से स्वतंत्रता प्राप्ति के शुभ मुहूर्त पर मार्गदर्शन मांगा था। प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने पं. व्यास को पत्र लिखकर चर्चा की थी। पंडित व्यास ने ज्योतिषीय गणना और पंचांग के आधार पर श्रावण कृष्ण चतुर्दशी का शुभ मुहूर्त सुझाया था, और इसी दिन देश स्वतंत्र हुआ था।









