लोन के सपने के बदले दिव्यांग के हाथ लगी ठगी की चोट

दो महीने से पुलिस कार्रवाई का इंतजार
60 लाख के पोल्ट्री फार्म लोन का झांसा देकर 80 हजार नकद लेने का आरोप, जेवर और बेटी की पायल भी ले गया, लाडली बहना की राशि दूसरे खाते में जाने का दावा
अक्षरविश्व न्यूज नागदा। 60 लाख रुपए के पोल्ट्री फार्म लोन का सपना दिखाकर एक दिव्यांग और अनपढ़ व्यक्ति से कथित तौर पर 80 हजार रुपए ऐंठने का मामला अब पुलिस कार्रवाई के इंतजार में अटक गया है। पीडि़त का आरोप है कि लोन दिलाने के नाम पर उससे नकदी लेने के बाद पत्नी के जेवरात और बेटी की पायल तक गिरवी रखवाई गई। इसके बावजूद लोन नहीं हुआ तो रकम और जेवर वापस मांगने पर टालमटोल शुरू हो गई। मामला यहीं नहीं रुका, पीडि़त ने पत्नी की लाडली बहना योजना की राशि भी कथित रूप से दूसरे खाते में ट्रांसफर होने का आरोप लगाया है। मंडी थाने में शिकायत के दो माह से अधिक समय बाद भी कार्रवाई नहीं होने से पीडि़त परिवार परेशान है।
शिवपुरा निवासी दिनेश मकवाना ने बताया कि वह पैरों से दिव्यांग है और चामुंडा माता मंदिर चौराहे पर गुमटी चलाकर परिवार का पालन-पोषण करता है। इसी दौरान सुनील नामक व्यक्ति का गुमटी पर आना-जाना था। दिनेश के अनुसार सुनील ने स्वयं को लोन दिलाने वाला बताते हुए कृषि भूमि पर पोल्ट्री फार्म के लिए 60 लाख रुपए का लोन दिलाने का भरोसा दिलाया। अनपढ़ होने के कारण वह उसकी बातों में आ गया।
पीडि़त के मुताबिक सुनील ने एक माह में लोन कराने और कागजी कार्रवाई के नाम पर करीब 80 हजार रुपए खर्च होने की बात कही। इसके बाद दिनेश ने उधार लेकर उसे 80 हजार रुपए दिए। समय बीतने के बाद भी लोन नहीं मिला और कथित रूप से और रकम की मांग की जाने लगी। आर्थिक स्थिति खराब होने के बावजूद दिनेश ने पत्नी के जेवर गिरवी रखकर रकम देने की कोशिश की। इसके बाद बेटी की पायल भी देने का आरोप है, जिसे सुनील अपने साथ ले गया। दिनेश का कहना है कि जब काफी समय बाद भी 60 लाख रुपए का लोन नहीं मिला तो उसने अपनी रकम और जेवर वापस मांगे। आरोप है कि संबंधित व्यक्ति ने रकम लौटाने से इनकार कर दिया। धोखाधड़ी होने का एहसास हुआ और उसने मंडी थाने में शिकायत दी।
पीडि़त की पत्नी आशा मकवाना के खाते में मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना के तहत मिलने वाली राशि पिछले चार माह से खाते में दिखाई नहीं दे रही थी। बैंक से जानकारी लेने पर परिवार को कथित रूप से पता चला कि राशि खाते में आने के बाद किसी अन्य खाते में ट्रांसफर हो रही है। दिनेश का आरोप है कि जिस खाते में यह राशि जा रही है, वह भी सुनील से जुड़ा हुआ है।
आवेदन मिला है, जांच जारी है-थाना प्रभारी
मंडी थाना प्रभारी अमृतलाल गवरी ने बताया कि पीडि़त की ओर से आवेदन प्राप्त हुआ था। दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौते की बात चल रही थी। पीडि़त ने दोबारा शिकायत की है, जिस पर मामले को जांच में लिया गया है। जांच के बाद संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
थाने में समझौते की कोशिश
शिकायत के बाद सुनील के थाने पहुंचने और पुलिस की मौजूदगी में रकम लौटाने की बात होने की जानकारी सामने आई है। पीडि़त की आशंका के बाद उसकी बाइक थाने में खड़ी करवाई गई थी, जो अब भी थाने में खड़ी बताई जा रही है। इसके बाद रकम लौटाने के लिए चेक दिए जाने की बात भी सामने आई, लेकिन पीडि़त के अनुसार चेक बाउंस हो गया। अब परिवार लगातार पुलिस से कार्रवाई की मांग कर रहा है। पीडि़त परिवार का कहना है कि शिकायत के बाद यदि समय रहते कार्रवाई होती तो शायद रकम और जेवर वापस मिलने की उम्मीद बनती। अब दो महीने से अधिक समय गुजरने के बावजूद मामला जांच में ही है। परिवार का सवाल है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो कार्रवाई कब होगी और उनकी मेहनत की कमाई तथा जेवरात कब वापस मिलेंगे।

