नागदा स्टेशन: सीट को लेकर विवाद, दो परिवारों में मारपीट, एक यात्री हुआ घायल

चाकूबाजी की अफवाह का जीआरपी ने किया खंडन
अक्षरविश्व न्यूज नागदा। नागदा रेलवे स्टेशन पर शनिवार-रविवार की देर रात जयपुर सुपरफास्ट ट्रेन में सीट पर बैठने को लेकर दो यात्री परिवारों के बीच विवाद हो गया। यह विवाद जल्द ही मारपीट में बदल गया, जिसमें एक पक्ष का यात्री घायल हो गया और उसे चोटें आईं।
घटना देर रात करीब 1 बजे हुई, जब जयपुर सुपरफास्ट ट्रेन नागदा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर पहुंची। ट्रेन रुकते ही सीट पर बैठने को लेकर दोनों परिवारों में बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। इस दौरान प्लेटफॉर्म पर मौजूद अन्य यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। इसी तरह सीट को लेकर विवाद का एक अन्य मामला भी नागदा आरपीएफ तक पहुंचा।
रविवार सुबह अंबेडकर नगर ट्रेन में एक रिटायर्ड सैनिक और रेलवे कर्मचारी के परिवारों के बीच सीट को लेकर विवाद हो गया। दोनों परिवार ट्रेन से यात्रा कर रहे थे। जानकारी के अनुसार रिटायर्ड सैनिक अपने परिवार के साथ उज्जैन दर्शन के लिए जा रहे थे, जबकि दूसरा यात्री रेलवे कर्मचारी बताया जा रहा है। दोनों परिवारों का जनरल कोच एस -5 में रिजर्वेशन था। सीट पर बच्चे खेल रहे थे और सीट एडजस्टमेंट को लेकर दोनों परिवारों के बीच पहले कहासुनी हुई।
देखते ही देखते कहासुनी बढ़ गई और दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गई। मामले की सूचना नागदा आरपीएफ तक पहुंची, जिसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों से जानकारी ली। बताया जा रहा है कि रिटायर्ड सैनिक बिजनौर के रहने वाले हैं, जबकि रेलवे कर्मचारी सवाई माधोपुर का बताया जा रहा है। दोनों ही घटनाओं में सीट को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट तक पहुंच गया।
रोते हुए महिला ने लडऩे से रोका
घटना से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक महिला रोते हुए मारपीट रोकने की अपील करती सुनाई दे रही है। वीडियो में महिला मत मारो, बहुत खून बह रहा है, हमें आगे जाना है कहती हुई सुनी जा सकती है। वीडियो में दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एक पक्ष उज्जैन से ट्रेन में सवार हुआ था, जबकि दूसरा पक्ष नागदा का निवासी बताया जा रहा है। हालांकि, विवाद की वास्तविक वजह को लेकर पुलिस की ओर से विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
घटना के बाद सोशल मीडिया और यात्रियों के बीच चाकू से हमले की अफवाह फैल गई थी। हालांकि, रेलवे पुलिस ने इस बात का खंडन किया है। जीआरपी ने स्पष्ट किया है कि मारपीट हुई थी, लेकिन चाकू से हमला होने की बात सही नहीं है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में किसी भी पक्ष द्वारा कोई एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है। आरपीएफ थाना प्रभारी ममता अलावा ने भी बताया कि नागदा रेलवे स्टेशन पर दोनों पक्षों के बीच विवाद और मारपीट हुई थी, लेकिन किसी भी पक्ष ने थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई है।
नौ महीने में ट्रेनों में तीसरी बड़ी घटना-बीते नौ महीनों में ट्रेनों में यात्रियों के बीच विवाद की यह तीसरी बड़ी घटना है। 22 नवंबर को रतलाम से उज्जैन जा रही ट्रेन में किन्नरों ने महिला यात्री से हाथापाई की थी। जीआरपी ने दो किन्नरों के खिलाफ कार्रवाई की थी। इसके बाद 18 जुलाई को मेमू पैसेंजर में दो यात्रियों के बीच मारपीट का वीडियो सामने आया था। शिकायत नहीं मिलने से पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। अब जयपुर एक्सप्रेस और आंबेडकर नगर एक्सप्रेस में सीट को लेकर विवाद सामने आया है। लगातार सामने आ रही घटनाओं से ट्रेनों में छोटी कहासुनी के बड़े विवाद में बदलने की आशंका सामने आती है। विवाद रोकने के लिए संवेदनशील ट्रेनों व मागों की नियमित निगरानी, त्वरित पुलिस हस्तक्षेप और तत्काल रिस्पॉन्स मैकेनिज्म की जरूरत है।









