राखी बांधते समय भाई का मुंह किस दिशा में होना चाहिए? जानिए धार्मिक मान्यताएं

रक्षाबंधन का त्योहार सावन मास की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। इस बार रक्षाबंधन 28 अगस्त, शुक्रवार को है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं और भाई उन्हें उनकी रक्षा का वचन देते हैं। लेकिन राखी बांधते समय बहन और भाई को कुछ नियमों का ध्यान जरूर रखना चाहिए। सही, दिशा और नियमानुसार राखी बांधने से भाई-बहन के रिश्ते में मिठास बनी रहती है। साथ ही, जीवन में सकारात्मकता और खुशहाली आती है। तो जानते हैं की राखी बांधते समय भाई का मुंह किस दिशा में होना चाहिए।
राखी बांधते समय भाई का मुंह किधर होना चाहिए?
वास्तु शास्त्र की मानें तो जिस समय आप अपने भाई को राखी बांध रही होती हैं, उस समय आपके भाई का चेहरा हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ ही होना चाहिए। पूर्व दिशा से सूर्य उगता है, इसी वजह से इसे पॉजिटिव एनर्जी और अच्छी सेहत की दिशा माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार, इस दिशा में मुंह करके राखी बांधने से भाई की उम्र लंबी होती है और उसकी सेहत भी हमेशा अच्छी बनी रहती है। वहीं, उत्तर दिशा को हमेशा से ही कुबेर और धन-दौलत की दिशा माना गया है। इसी वजह से उत्तर दिशा की तरफ मुंह करके बैठने से भाई को पढ़ाई, नौकरी या बिजनेस में देखते ही देखते सफलता मिलने लगती है और साथ ही घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है।
बहन किस दिशा में बैठकर बांधे राखी?
जब भाई का मुंह पूर्व या उत्तर की तरफ होगा, तो बहन का मुंह अपने आप पश्चिम या दक्षिण की तरफ हो जाएगा, जो कि एकदम सही तरीका है। हालांकि, एक बात का खास ख्याल रखना चाहिए कि भाई का मुंह कभी भी दक्षिण दिशा की तरफ नहीं होना चाहिए। वास्तु शास्त्र और धार्मिक मान्यताओं में दक्षिण दिशा को शुभ नहीं माना जाता, इसलिए इस तरफ चेहरा करके राखी बंधवाने से हमेशा बचना चाहिए।
राखी बांधते समय दिशा और अन्य नियमों का पालन करना धार्मिक एवं वास्तु मान्यताओं का हिस्सा है। ऐसे में इन परंपराओं को श्रद्धा के साथ निभाते हुए भाई-बहन एक-दूसरे की खुशहाली, अच्छे स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना कर सकते हैं। आखिरकार, इस त्योहार की असली खूबसूरती रिश्ते में छिपे प्यार और एक-दूसरे के साथ खड़े रहने के वादे में ही है।









