घायल को ई-रिक्शा से अस्पताल पहुंचाया और महिला को ओपीडी के बाहर छोड़ गए

पुलिस की लापरवाही या अनदेखी…
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। नृसिंहघाट पर घायल पड़े युवक को गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों ने ई रिक्शा में बैठाकर चरक अस्पताल भेजा और देवासरोड पर नशे की हालत में मिली महिला को एफआरवी में बैठाकर पुलिसकर्मी ओपीडी के बाहर छोड़कर चली गई। लापरवाही यह कि पुलिस ने घायल युवक के बयान तक नहीं लिए और महिला को अस्पताल में भर्ती भी नहीं कराया।
सिर पर लट्ठ मारकर लूटा था युवक को
जो युवक नृसिंहघाट पर पुलिस को घायल हालत में मिला उसके साथ दो बदमाशों ने लूट की वारदात की थी। रात 10 बजे हुई वारदात, पुलिस को घायल मिलने के बाद भी सुबह 10 बजे तक बयान दर्ज नहीं हो पाए। घायल ने अक्षर विश्व को सुनाई आपबीती…
मेरा नाम संतोष पिता वाल्मीकि विश्वकर्मा निवासी कैलाश नगर कॉलोनी वृंदावन है। उज्जैन में पेंटर व अन्य काम करता हूं। गुरुवार रात नृसिंहघाट पर खाना खाने गया था। रात करीब 10 बजे दो युवकों ने लट्ठ से सिर पर हमला किया जिससे गंभीर घायल होकर बेसुध हो गया। हमला करने वाले बैग उठाकर भाग गए जिसमें मोबाइल, पर्स व कपड़े रखे थे। सुबह 4 बजे पुलिस ने ई रिक्शा से अस्पताल पहुंचाया। सिर में 8 टांके लगे। पुलिस अभी तक बयान लेने नहीं आई है।
जैसा कि घायल ने बताया
कपड़े फटे, शरीर पर चोट के निशान
नागझिरी थाने का एक एफआरवी वाहन शुक्रवार की सुबह अस्पताल की ओपीडी के बाहर एक महिला को छोड़ गया। वह शराब के नशे में थी। कपड़े फटे थे और शरीर पर चोट के निशान दिख रहे हैं।उसने आपबीती इस प्रकार सुनाई…
मेरा नाम सुनीता पति संजू आंजना निवासी जोगीखेड़ी है। मुझे संजू ने शराब पिलाई थी। उसी ने मारपीट की। मूल निवासी गोंदिया महाराष्ट्र की हूं। बारिश में भीगने के बाद देवासरोड पर बैठी थी तभी पुलिसकर्मी अस्पताल लाए। पुलिस ने मेरा आधार कार्ड व वोटर आईडी कार्ड ले लिया है।
जैसा कि महिला ने बताया









